जागरण टुडे, गुड्डू यादव कासगंज।
होली का त्यौहार नज़दीक आते ही शहर और कस्बाई इलाकों के बाजार रंग-बिरंगे गुलाल और आकर्षक पिचकारियों से सज गए हैं। इस बार खासतौर पर हर्बल और प्राकृतिक रंगों की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है। लोग अब केमिकल युक्त रंगों से दूरी बनाकर त्वचा और पर्यावरण के अनुकूल हर्बल रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार बच्चों से लेकर युवाओं तक में नए और अनोखे डिजाइन की पिचकारियों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
बच्चों के बीच फिल्मी और थीम आधारित पिचकारियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस साल पुष्पा फिल्म से प्रेरित कुल्हाड़ी और हथौड़े के आकार की पिचकारियां खूब बिक रही हैं। इसके अलावा योगी-मोदी थीम वाली पिचकारियां भी बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें लेकर लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि बच्चे टीवी और सोशल मीडिया पर दिखने वाले किरदारों और प्रतीकों से प्रभावित होकर ऐसी पिचकारियां पसंद कर रहे हैं।
तकनीकी अंदाज की इलेक्ट्रिक वाटर गन (M416 मॉडल) भी युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है। बैटरी से चलने वाली ये पिचकारियां लंबी दूरी तक पानी फेंकने में सक्षम हैं, जिससे होली खेलने का उत्साह दोगुना हो जाता है। इसके साथ ही बैकपैक (टैंक) वाली बड़ी पिचकारियां भी अच्छी खासी बिक्री दर्ज कर रही हैं। इन पिचकारियों में पानी भरने की क्षमता अधिक होती है, जिससे बार-बार पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ती।
दुकानदारों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री में लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है। बाजारों में 10 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं, ताकि हर वर्ग के लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें।
होली की तैयारियों के बीच प्रशासन भी लोगों से सुरक्षित और संयमित तरीके से त्योहार मनाने की अपील कर रहा है। चिकित्सकों ने भी सलाह दी है कि हर्बल रंगों का उपयोग करें और आंखों व त्वचा की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।