उमेश शर्मा, बरेली। शाही और शीशगढ़ इलाके में सिलसिलेवार तरीके से आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं की हत्या करने वाले सीरियल किलर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बाकरगंज का रहने वाला 35 वर्षीय कुलदीप है। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात साढ़े 11 बजे शाही इलाके के बुझिया जागीर गांव के पास से उसे गिरफ्तार किया। उसने सभी हत्याएं अंजाम देने की बात स्वीकार ली है। पुलिस की ओर से जारी स्कैच के जरिये पहचान होने पर उसे गिरफ्तार किया गया है। बृहस्पतिवार दोपहर एसएसपी अनुराग आर्य ने घटना का खुलासा किया।
सौतेली मां का व्यवहार बना महिलाओं से नफरत की वजह
पूछताछ में आरोपी कुलदीप ने बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। पिता बाबूराम ने मां के जीवित रहते ही दूसरी महिला से शादी कर ली थी। पिता सौतेली मां के कहने पर उसकी मां को बेरहमी से पीटता था। इससे उसके मन में महिलाओं के प्रति नफरत पैदा हो गई और महिलाओं के प्रति द्वेष भावना रखने लगा।
हिंसक प्रवृत्ति के कारण पत्नी चली गई छोड़कर
कुलदीप की शादी 2014 में हुई थी। उसका अपनी पत्नी से भी व्यवहार ठीक नहीं थी। उसकी हिंसक प्रवृत्ति के कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। इसके बाद वह नशे का आदि हो गया और बाकरगंज के आसपास जंगल में भटकता रहता था। उसने बताया कि शाही के गांव आनंदपुर, कुल्छा, खरसैनी, बुझिया जागीर और शीशीगढ़ थाने के गांव लखीमपुर, जगदीशपुर में हुईं हत्या की वारदातें उसी ने अंजाम दी थीं।
अकेली महिलाओं को गन्ने के खेत में बनाता था निशाना
आरोपी ने बताया कि वह अकेली महिलाओं को ही निशाना बनाता था। वह उनका पीछा करता था और सूनसान इलाके में पहुंचते ही हमला कर देता था। हत्या को वह गन्ने के खेत में 10-15 मीटर अंदर ही अंजाम देता था क्योंकि इतना अंदर खेत में जल्दी कोई नहीं जाता है। हत्या करने के बाद वह साड़ी का पल्लू या दुपट्टा गले में कस देता था ताकि महिला के जीवित रहने की कोई गुंजाइश न बचे।
पीछे करते समय बच्चा भी देख लेता बदल देता था इरादा
आरोपी ने बताया कि जब वह किसी महिला का पीछा करता था। इस दौरान कोई बच्चा या पुरुष उसे देख लेता था तो वह अपना इरादा बदल देता था और उस दिन घटना नहीं करता था। वह मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं करता था न ही आने जाने के लिए किसी वाहन का।
खुलासे के लिए एसएसपी ने बनाई 22 टीमें, चलाया ऑपरेशन तलाश
घटनाओं के खुलासे के लिए एसएसपी अनुराग आर्य ने जिले भर से पुलिसकर्मियों को छांटकर 22 टीमों को गठन किया। इस अभियान को ऑपरेशन तलाश का नाम दिया गया। इनकी निगरानी के लिए एसएसपी के कैंप कार्यालय में वॉर रूम बनाया गया। एसएसपी की ओर से गठित टीमों ने शाही-शीशगढ़ के 25 किलोमीटर के दायरे में 1500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। साथ ही नए स्थानों पर 600 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। सीरियल किलर के पैटर्न को समझने के लिए एक टीम महाराष्ट्र भी भेजी गई।