यूपी के जनपद बदायूं के थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव लभारी में रहने वाले महावीर श्रीवास्तव का बेटा गोपाल इंटरमीडिएट का छात्र था। वह 8 सितंबर को लापता हो गया था। परिजन ने उसकी कादरचौक थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 13 सितंबर को गांव लभारी के पास जंगल में एक कंकाल मिला, जिसे परिजन ने गोपाल का बताया।
परिजनों ने गांव में ही रहने वाले गोपाल के दोस्त पर हत्या का शक जाहिर किया। वह गोपाल को घर से बुलाकर ले गया था। मृतक के भाई मोनू की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने खुलासे के लिए एसओजी और कादरचौक के थानाध्यक्ष उदयवीर सिंह को लगाया।
पुलिसह ने गांव के सचिन कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसे गोपाल का अपनी भांजी के साथ प्रेम प्रसंग होने का शक था। साथ ही उसके ऊपर काफी कर्ज था। किसी ने बताया था कि गोपाल के बैंक खाते में तीन लाख रुपये हैं तो उसने हत्या करने की योजना बनाई।
नशा होने के बाद गमछे से घोटा गला
आरोपी सचिन ने बताया कि वह 8 सितंबर को गोपाल को अपने साथ ले गया। उसने उसे पांच केन बीयर पिलाईं। गोपाल नशे में हो गया तो उसे गांव के पास जंगल में ले गया। जहां सिर पर ईंट से प्रहार किया, इसके बाद गमछे से उसका गला घोटकर हत्या कर दी। पहचान मिटाने के लिए शव के ऊपर दो बोतल तेजाब डाला। गोपाल के मोबाइल से अपने खाते में रुपये ट्रांसफर करने की कोशिश की लेकिन हो नहीं पाए।