कोरोना काल में लोगों का अकेलापन दूर करने के लिए शुरू की गई गालो मुस्कुरालो वेलफेयर सोसायटी चार साल से लोगों के जीवन में खुशियां घोल रही है। गीत-संगीत न सिर्फ मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है, बल्कि लोगों की सेहत में भी सुधार लाता है।
सोमवार को संस्था की स्थापना के चार वर्ष पूरे होने पर सिविल लाइंस स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता का आयोजन किया, इसमें पदाधिकारियों ने चार वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और भविष्य की योजनाएं बताईं। पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था की व्यापक स्वीकार्यता को देखते हुए अक्तूबर 2023 में इसको एक रजिस्टर्ड सोसायटी का रूप दिया गया ताकि सिंगिंग के अलावा अन्य सामजिक कार्यों में योगदान दिया जा सके।
अकेलेपन से लोगों को बाहर निकालने के लिए की गई पहल
गालो मुस्कुरालो ऑनलाइन सिंगिंग क्लब की स्थापना चार साल पहले 21 अप्रैल 2021 को कोरोना महामारी के ऐसे दौर में हुई थी, जब लोग डरे सहमे अपने घरों में बंद हो गए थे। ऐसे में लोगों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए उन्हें ऑनलाइन जोड़ा गया और गाने गाकर मन को बहलाया गया, इससे लोगों का अकेलापन दूर हुआ और सिंगिंग एंड म्यूजिक थिरेपी से उनकी सेहत में सुधार आया। कुछ लोगों की इस पहल पर धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए और कारवां आगे बढ़ता गया। आज देश-विदेश में संस्था के सैकड़ों सदस्य हैं, जो हर रविवार गीत-संगीत की महफिल में हिस्सा लेते हैं। हालांकि कोरोना काल में सप्ताह में तीन दिन यह महफिज सजा करती थी मगर जब जनजीवन सामान्य हो गया तो केवल रविवार के दिन ही कार्यक्रम का आयोजन होता है।
संकोची लोगों में गाने का आत्मविश्वास पैदा करती है संस्था
प्रेसवार्ता में संस्था के अध्यक्ष अशोक सक्सेना ने कहा कि गाना लगभग सभी को आता है, लेकिन ज्यादातर लोग संकोच के कारण सबके सामने गाने से कतराते हैं इसलिए यह ऑनलाइन सिंगिंग प्लेटफॉर्म उन्हें बेहतरीन मंच प्रदान करता है और उनमें आत्मविश्वास पैदा करता है। उन्होंने कहा कि संस्था ने पिछले 4 वर्षों में 246 ऑनलाइन और 14 ऑफलाइन कार्यक्रम आयोजित करके कैरिओके गायन का प्रचार प्रसार बरेली ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों और विदेशों में भी किया है। आज संस्था से लगभग 180 लोग जुड़ चुके हैं, जो घर बैठे जूम के माध्यम से संगीत का आनंद उठा रहे हैं।
हर रोज लोगों की गायन कला में हो रहा सुधार
सचिव अरुण शर्मा ने कहा कि गालो मुस्कुरालो संस्था के जरिये लोग घर में रहकर अपने अन्य कार्यों के साथ ही गायन से जुड़े रहते हैं। अब तक करीब 180 से ज्यादा लोग विभिन्न शहरों, प्रदेशों से इससे जुड़ चुके हैं। प्रत्येक रविवार को 40-45 लोग कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपनी प्रस्तुति देते हैं। उन्होंने कहा कि गालो मुस्कुरालो गाने की ट्रेनिंग नहीं देता लेकिन एक माहौल प्रदान करता है, जिसमें लोग खुद अभ्यास करके अच्छा गाने की कोशिश करते हैं। साथ ही गाने के ट्यूटोरियल और बेसिक लर्निंग के लिए अलग से अपने साथियों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराता है, जिसके जरिये लोग हर दिन अपने गाने में सुधार ला सकते हैं।
कार्यक्रम में ये सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष सत्य प्रकाश ओबेराय, मिडिया प्रभारी विजय शर्मा, विवेक सक्सेना, राजेश अग्रवाल, रागिनी अग्रवाल, बेबी शर्मा, कंचन शर्मा, कैलाश चंद्र शर्मा, नागेश अग्रवाल, बिपिन मेहरा, उदय गोयल, विकास जोहरी, विपिन चंद्र मिश्र, अजय राज शर्मा, रतन शंकर शर्मा, आरती अग्रवाल, पूनम शर्मा, किरण पाठक, माला शर्मा आदि सदस्य मौजूद रहे।