उप्र के बरेली में छांगुर बाबा जैसे गिरोह का खुलासा हुआ है। इस गिरोह के सदस्य लोगों का ब्रेनवॉश कर मदरसे में धर्मांतरण कराते थे। बरेली के थाना भुता पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने के गैंग के लीडर मदरसा संचालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ये लोग मदरसे में धर्म परिवर्तन कराने का काम करते थे। मदरसा संचालक अपने साथियों के साथ मिलकर जन्मांध जीआईसी शिक्षक को दूसरी शादी कराने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा था। शिक्षक की मां के शिकायत करने पर धर्मांतरण के खेला का खुलासा हो गया।
शिक्षक को दूसरी शादी का झांसा देकर धर्मांतरण कराने की थी तैयारी
अलीगढ़ के इन्द्रपुरी क्वारसी थाना महुआ खेड़ा निवासी अखिलेश कुमारी ने बरेली जिले के भुता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके बड़े बेटे प्रभात उपाध्याय को जन्म से दिखाई नहीं देता है। उसने अपनी मेहनत के दम पर उच्च शिक्षा हासिल करके अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एमफिल और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की।
महिला के भुता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पर खुला मामला
वर्ष 2019 में प्रभात उपाध्याय नियुक्ति राजकीय इंटर कॉलेज अलीगढ़ में हुई थी, और बाद में बरेली ट्रांसफर हो गया। फिर बुलंदशहर के जहांगीराबाद चला गया। शादी के बाद पत्नी से उनका विवाद हो गया। इसका मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी उसकी दूसरी शादी कराने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराना चाहते थे। आरोपी उसे लगातार ग्राम फैजनगर के मदरसे में रखकर ब्रेनवॉश करते थे। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भुता पुलिस सक्रिय हुई तो इस खेल की परतें खुलती चली गईं।
भुता थाना पुलिस ने पीड़ित को कराया मुक्त, आरोपी भेजे जेल
पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि मदरसे में छापा मारकर मदरसा संचालक ग्राम फैजनगर निवासी मुख्य आरोपी अब्दुल मजीद, ग्राम करेली के सलमान, मोहम्मद आरिफ और सैदपुर चुन्नीलाल भोजीपुरा निवासी मोहम्मद फईम को गिरफ्तार कर लिया। धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह में शामिल कई आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
आरोपियों से इस्लामिक किताबें और अन्य सामान बरामद
उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से इस्लामिक किताबें और अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने शिक्षक प्रभात को आरोपियों के चंगुल से मुक्त करा दिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। गिरोह को फंडिग कहां से होती थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।