जागरण टुडे, अंकित पंडित कासगंज।
जनपद की पावन तीर्थ नगरी सोरों में पूर्णिमा और हनुमान जयंती के शुभ संयोग पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह तड़के 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का सैलाब हरि की पैड़ी और लहरा गंगा घाट पर उमड़ पड़ा। पूरे दिन गंगा स्नान और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा।
देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर स्नान-दान किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घाटों पर “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद लड्डू वाले बाला जी हनुमान मंदिर में दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और पुण्य लाभ अर्जित किया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा और हनुमान जयंती का यह दुर्लभ संयोग अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसी कारण इस दिन गंगा स्नान और हनुमान जी के दर्शन का विशेष महत्व है। गंगा मंदिर के विष्णु माफीदार ने बताया कि इस पावन अवसर पर किया गया स्नान और दान कई गुना पुण्य प्रदान करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे घाटों की स्वच्छता बनाए रखें और धार्मिक परंपराओं का पालन करें।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और स्नान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की गई। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आस्था, श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के इस संगम ने सोरों को एक बार फिर भक्ति के रंग में रंग दिया। गंगा तट पर उमड़ी यह भीड़ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और परंपराओं की मजबूती का भी संदेश देती नजर आई।