जागरण टुटे (म्याऊं) बदायूं। विकासखंड म्याऊं की ग्राम पंचायत विशारतनगर में कार्यवाहक प्रधान को लेकर शनिवार को चली लंबी प्रक्रिया आखिरकार पूरी हो गई। प्रधान विजय बहादुर सिंह के 06 जून 2025 को हुए निधन के बाद खाली हुए पद को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप था कि 14 अगस्त को मृतक प्रधान के नाती विकास को बिना बैठक और प्रस्ताव के कार्यवाहक प्रधान घोषित कर दिया गया।
इसके खिलाफ ग्राम पंचायत के सात निर्वाचित सदस्यों — जसवीर पुत्र अनोखेलाल, अनीता देवी, आनंद देवी, प्रेमादेवी, रनवीर, भूदेवी और मुन्ना ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया और बाद में उच्च न्यायालय प्रयागराज में रिट भी दायर की।
शनिवार को एडीओ पंचायत, नायब तहसीलदार छविराम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ग्राम पंचायत सचिवालय में कार्यवाहक प्रधान की प्रक्रिया कराई गई। कुल 11 निर्वाचित सदस्यों में से 8 सदस्य उपस्थित रहे। इनमें से 7 ने पूरी सहमति से जसवीर सिंह पुत्र अनोखेलाल के नाम का समर्थन किया, जबकि एक सदस्य योगेंद्र ने न तो समर्थन किया न विरोध।
प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए कोरम को लेकर विवाद हुआ और नायब तहसीलदार चले गए, लेकिन ग्रामीणों के विरोध पर वे पुनः लौटे और कार्रवाई पूरी कराई। ग्राम पंचायत सचिव ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई।
यह प्रस्ताव 10 सितम्बर 2025 को उच्च न्यायालय प्रयागराज में प्रस्तुत किया जाएगा। अनुमान है कि जसवीर सिंह का प्रधान बनना लगभग तय है, क्योंकि विपक्षी गुट के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है।