बरेली-बदायूं मार्ग पर इको टैक्सी चालक खुलेआम डग्गामारी कर रहे हैं। इन वाहनों की वजह से परिवहन निगम को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। खास बात यह कि बदायूं में जहां से इन डग्गामार वाहनों का संचालन होता है, वहां ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी भी रहती है। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग कभी कभार औपचारिक कार्रवाई कर खुद के गर्दन बचा लेते हैं।
शहर के मुख्य चौराहों और रोडवेज स्टैंड से लेकर नवादा चौकी तक सैकड़ों इको टैक्सी बिना रोक-टोक सवारियों को ढो रही हैं। नतीजतन, परिवहन निगम का राजस्व प्रभावित हो रहा है और शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ती जा रही है। हाल ही में संयुक्त बैठक में तय किया गया था कि डग्गामार वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन इसका असर केवल दो दिन तक ही दिखा।
सूत्रों के अनुसार, इको टैक्सी 6 से 7 सवारियों के लिए अधिकृत हैं, लेकिन चालक 12 तक सवारियां बैठाकर न सिर्फ डग्गामारी कर रहे हैं बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। कई इको टैक्सी में अवैध रूप से एलपीजी और सीएनजी किट लगाई गई हैं। इसके अलावा कुछ प्राइवेट वाहन भी टैक्सी के रूप में चल रहे हैं, जो यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
गौरतलब है कि बरेली-बदायूं मार्ग पर दो थाने और चार चौकियां पड़ती हैं, फिर भी इको टैक्सी की डग्गामारी पर लगाम नहीं लग पा रही है। परिवहन निगम को इससे रोजाना लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है और यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में है।