बदायूं जिले के कछला, कादरचौक और शेखूपुर क्षेत्र के कई गांव इन दिनों बाढ़ की चपेट में हैं। ललसी नगला, गुलाबगंज, गनआई, पांडे नगला, नानाखेड़ा, भूरा, भद्रोल, खजररा, सरौता, चौरसिया, पलिया पुख्ता, सराय और रमनगला समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। कई गांवों की मुख्य सड़कों पर पानी उतर आया है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
ग्राम नानाखेड़ा में शनिवार रात करीब 10 बजे कछला-भदरोल मार्ग पर पानी उतरना शुरू हुआ। देखते ही देखते सड़क पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया, जिसकी तेज रफ्तार अब भी थमने का नाम नहीं ले रही है। हालात यह हैं कि नानाखेड़ा और आसपास के कई घरों में पानी घुस चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी बढ़ता रहा तो दर्जनों घर डूब सकते हैं।
ग्रामीण अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए। गांव के किनारे बने मकानों में पानी घुसने से दहशत का माहौल है। खेतों में खड़ी तिल, धान, गन्ना और मिर्च जैसी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद होने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। पशुओं के लिए चारा और अन्य सामग्री भी पानी में बह गई है।
बाढ़ की जानकारी मिलते ही शेखूपुर के पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य, पूर्व प्रधान राजेश्वर कश्यप, मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र राजपूत, ब्लॉक प्रमुख रचित गुप्ता और प्रधान चरन सिंह कश्यप मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से हालचाल लिया और स्थिति पर चिंता जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार ठंडा और तेज रफ्तार से गांव की ओर बढ़ रहा है। हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में नानाखेड़ा समेत कई और गांव पूरी तरह से जलमग्न हो सकते हैं। प्रशासन को तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू करने की मांग ग्रामीणों ने की है।