जागरण टुडे, पीलीभीत। नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच कंचनपुर जिले की महेंद्रनगर जेल पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। इस दौरान कई कैदी फरार हो गए। इनमें चार भारतीय भी शामिल थे, जो पीलीभीत के माधोटांडा और हजारा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। सीमा पार कर भारत पहुंचे चारों में से दो बंदियों को बुधवार को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि दो की रिहाई कागजी कार्रवाई पूरी होने तक टली हुई है। इसकी पुष्टि डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने की।
मंगलवार को जेल पर हमले के दौरान भारी संख्या में कैदी भाग निकले थे। इसी अफरातफरी में पीलीभीत के चार बंदी भी जेल से निकलकर पैदल करीब आठ किलोमीटर चलकर उत्तराखंड के बनबसा बॉर्डर तक पहुंचे। वहां एसएसबी ने उन्हें पकड़ लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कत आने पर मामला डीएम पीलीभीत के संज्ञान में लाया गया।
डीएम के निर्देश पर माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम ढकिया ताल्लुके महाराजपुर निवासी चितरंजन सरकार (64) और रंजन विश्वास (34) को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। दोनों को नवंबर 2024 में नेपाल पुलिस ने जमीन जोतने के विवाद में गिरफ्तार किया था और वे महेंद्रनगर जेल में बंद थे।
वहीं, हजारा क्षेत्र के दो अन्य बंदियों की रिहाई अभी अटकी हुई है। ये दोनों डेढ़ साल पहले एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों में नेपाल पुलिस द्वारा पकड़े गए थे और जेल से भागने के बाद एसएसबी की हिरासत में हैं। डीएम ने बताया कि इनके मामले में कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नेपाल की अशांति का असर अब सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों तक देखा जा रहा है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सीमा पर चौकसी कड़ी कर दी गई है।
नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में भड़की हिंसा के बीच फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए पुलिस मुख्यालय लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था के अधीन क़ानून व्यवस्था शाखा में स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसमें तीन हेल्पलाइन नंबर 0522-2390257, 0522-2724010, 9454401674 और एक व्हाट्सएप नंबर 9454401674 हर वक्त संचालित रहेंगे। इन नंबरों के माध्यम से नागरिक सीधे मदद प्राप्त कर सकेंगे। पीलीभीत की सीमा भी नेपाल से सटी हुई है। यहां से भी तमाम लोग नेपाल आवाजाही करते हैं। एसपी अभिषेक यादव के निर्देशन में जिले में भी इन नंबरों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है।