जागरण टुडे बरेली
कानपुर में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी पर ''आई लव मुहम्मद'' के बैनर लगाने वालों पर एफआईआर दर्ज किए जाने का मुद्दा तूल पकड़ने लगा है। कानपुर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में ''आई लव मुहम्मद'' का ट्रेंड चला है। इसी कड़ी में 19 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद बरेली शहर में कई जगहों पर इस स्लोगन के बैनर-पोस्टर लगाए गए।
दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के पदाधिकारी मोईन खान के नेतृत्व में शहर के मोहल्ला जखीरा, आजमनगर, बिहारीपुर, कोहाड़ापीर, गुलाबनगर, शहामतगंज, किला, जोगी नवादा, फरीदपुर रोड, हजियापुर, सैदाना, सैटेलाइट समेत कई जगहों पर आई लव मुहम्मद के बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं।
मोईन खान ने कहा कि ये मुहम्मद और आस्था का संदेश है न किसी व्यक्ति, धर्म के खिलाफ, हमारा मकसद अपने नबी से मुहब्बत का इजहार करना है। इंसाफ, शांति, मुहब्बत, भाईचारा और इंसानियत के उनके सबक पर अमला करना है। कानपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा अमल कानून और संविधान के दायरे में है। शांतिपूर्वक तरीके से अपने नबी से मुहब्बत का प्रदर्शन करते रहेंगे। समाज के लोगों से भी अपील है कि वे अफवाहों से बचें। समाज में भाईचारा, आपसी मुहब्बत और शांति बनाए रखें। कानून का सम्मान करें।
इमाम बोले-इश्के रसूल कब अपराध बन गया
कानपुर की घटना पर मस्जिदों में तकरीर हुई। कंघी टोला की नूरी रजा मस्जिद के इमाम शहनवाज ने कहा कि इश्के नबी कब से अपराध बन गया? हालात ये हैं कि आई लव मुहम्मद लिखने पर एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। ऐसा करके लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कानून का मजाक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे एक लाख एफआईआर दर्ज कर दी जाएं, फिर भी हमारा रोम-रोम आई लव मुहम्मद कहता रहेगा।