औरंगाबाद रजिस्टर्ड रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव का शुभारंभ कैला मंदिर के पीछे धर्मशाला परिसर में हुआ। संयोजक ओमप्रकाश उपाध्याय के नेतृत्व में “श्रीराम” के उद्घोष के साथ मंचन की शुरुआत हुई।
दूसरे दिन की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भक्ति और आस्था के रस में सराबोर कर दिया। स्थानीय कलाकारों ने मंच पर राजा मनु और देवी शतरूपा की तपस्या से प्रसन्न होकर विष्णु भगवान द्वारा वरदान देने की लीला का जीवंत चित्रण किया।
कथा की शुरुआत रावण, कुंभकर्ण और विभीषण के तप से हुई। इसके बाद रावण–मंदोदरी विवाह, ऋषियों-मुनियों की तपस्या भंग करने का दृश्य और अंत में सीता जी के जन्म की झांकी प्रस्तुत की गई। कलाकारों ने इतना भावपूर्ण और भव्य मंचन किया कि पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा।
रामलीला आयोजन में कमेटी के महामंत्री ताराचंद अग्रवाल, सचिव राजेश सैनी, कोषाध्यक्ष बालकृष्ण अग्रवाल, मीडिया प्रभारी पिंटू मिश्रा, सलाहकार दर्शपाल सिंह, व्यास श्री विशंभर दयाल शर्मा और पार्षद गुलवीर चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा जगदीश सैनी, सत्यप्रकाश निषाद, थानेंद्र शर्मा एडवोकेट, शिवराम सिंह, अशोक सैनी, गोविंद अग्रवाल, गौरव सैनी, मोतीलाल शर्मा, जसवंत सिंह कुशवाहा, सोनू पंडित, सुमित शिशोदिया, डॉ. योगेश कुमार, अनिल गोयल, किशन सैनी, जगन ठेकेदार और मुरारी लाल ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
पहले दिन की रामलीला ने न केवल श्रद्धालुओं को भावविभोर किया बल्कि आगामी प्रस्तुतियों के प्रति उत्सुकता भी बढ़ा दी। आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग मंचित किए जाएंगे।