आई लव मोहम्मद के पोस्टर लगाने को लेकर कानपुर से निकली चिंगारी शुक्रवार को बरेली में आग का गोला बन गई। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के बुलावे पर जुमे की नमाज के बाद जुटी भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने शहर के पांच स्थानों पर जमकर बवाल किया। उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़-फोड़ की और कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए। पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो उपद्रवियों ने जमकर पथराव और फायरिंग की। पथराव और छर्रे लगने से करीब एक दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मी घायल हो गए, और अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं। उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस कई लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें कइयों के पास असलहे भी बरामद हुए हैं।
पिछले दिनों कानपुर में ''आई लव मुहम्मद'' के लगे पोस्टर लगाने को लेकर कुछ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके विरोध में मौलाना तौकीर रजा खान ने जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ इस्लामिया इंटर कॉलेज ग्राउंड पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन का एलान किया था। जिले में धारा 163 लागू होने की वजह से पुलिस-प्रशासन ने धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। पुलिस-प्रशासन की बगैर अनुमति के शुक्रवार दोपहर लोगों का हुजूम इस्लामिया कॉलेज मैदान पर पहुंचने लगा।
भीड़ एकत्र होने पर लोगों ने पुलिस के सामने नारेबाजी और तकरीर शुरू कर दी। माहौल गर्माता देख पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो लोग पुलिस पर पथराव करने लगे। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने दुकानों में तोड़-फोड़ शुरू कर दी। दुकानों के आगे खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए। हालात काबू होते देख पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। फिर उपद्रवियों ने गलियों में खड़े होकर और घरों की छतों से पुलिस पर पथराव किया। मगर पुलिस और पीएसी जवान पीछे नहीं हटे और लाठियां फटकार कर सड़कें खाली करा दीं।
डीआईजी बरेली अजय कुमार साहनी ने बताया कि उपद्रवियों ने पथराव और फायरिंग कर शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की। बवाल में 10 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने लाठी चार्ज करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे भीड़ तितर-बितर हुई। घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई है। उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है। कई लोगों को हिरासत में लिया है। कुछ असलहे भी बरामद किए हैं।
बरेली में दंगा भड़काने के आरोप में 2010 जेल गए थे मौलाना तौकीर रजा
मौलाना तौकीर रजा चर्चा में रहने के लिए भड़काऊ भाषण देते रहते हैं। उनका नाम बड़े स्तर पर तब चर्चा में आया जब 2010 में बरेली में कोहाड़ापीर से निकलने वाले जुलूस ए मोहम्मदी के दौरान दंगा भड़का था। इस मामले में एसपी सिटी राकेश जौली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। हालांकि बाद में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज जेल से छुड़वा दिया था।