शाहजहांपुर, जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए जिलाधिकारी श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में सीएम डैशबोर्ड एवं ₹5 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। लोक निर्माण विभाग की स्थिति खराब होने पर उन्होंने विभागीय स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्युत विभाग, समाज कल्याण, लोक निर्माण विभाग और डे-एनआरएलएम के अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और प्रगति में ठोस सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, इसलिए पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी परियोजनाओं में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। ₹5 करोड़ से अधिक लागत वाली 15 परियोजनाओं की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच कराकर 15 दिनों में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सभी अनारंभ परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने और अपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों की गति के साथ गुणवत्ता भी सर्वोपरि होनी चाहिए। सभी विभाग नियमित स्थलीय निरीक्षण करें और पोर्टल पर अद्यतन स्थिति समय से अपलोड करें।
गौशालाओं व अन्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति पर विशेष जोर दिया और जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। गौशालाओं में निराश्रित गोवंश की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना व धान के पुआल के भंडारण पर भी विशेष निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि सभी अपूर्ण गौशालाएं 31 अक्टूबर तक पूर्ण कर ली जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, परियोजना निदेशक अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषि पाल सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।