जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली और विभिन्न विभागों द्वारा कुपोषण उन्मूलन के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, और पोषण संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों के उपचार, उनके वजन और ऊंचाई मापने के उपकरणों की उपलब्धता, तथा आईसीडीएस कार्यक्रमों की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों के प्रमाणीकरण, पोषण वाटिका के निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, और बाल पेंटिंग गतिविधियों की प्रगति की भी समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गर्भवती और धात्री महिलाओं को समय पर पोषाहार वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, पोषण ट्रैकर ऐप पर नियमित डेटा अपडेशन और उसकी निगरानी अनिवार्य रूप से की जाए।
डीएम ने कहा कि बच्चों और अभिभावकों को स्वच्छता एवं पोषण के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कुपोषण कम करने के लिए सभी जनपद स्तरीय अधिकारी आगे आएं और कुपोषित बच्चों को गोद लेने की पहल करें, ताकि उन्हें बेहतर पोषण और देखभाल मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा, “हमें मिलकर कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई लड़नी है और हर बच्चे को सुपोषित बनाना है।” उन्होंने इस दिशा में विभागीय समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी सीडीपीओ सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।