केंद्र और प्रदेश सरकार एक ओर हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों पौधे लगाने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद रामपुर के पंवारिया क्षेत्र में आम के हरे-भरे बागों की अवैध कटान जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के अंधेरे का फायदा उठाकर पूरे बाग के एक-एक पेड़ को काटकर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र के एक बड़े आम के बाग को पूरी तरह उजाड़ दिया गया है। न केवल पेड़ काटे गए, बल्कि उनकी जड़ें तक उखाड़ दी गईं, जिससे भूमि की प्राकृतिक उर्वरता भी नष्ट हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ों को काटने के बाद वहां पर प्लॉटिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह जमीन निजी स्वामित्व की बताई जा रही है, लेकिन वन विभाग या राजस्व विभाग की अनुमति के बिना इतनी बड़ी मात्रा में पेड़ काटना अवैध माना जा रहा है।
मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि उसे वहां पर प्लॉट बेचने की अनुमति दी गई है। जब उससे अनुमति देने वाले का नाम पूछा गया तो उसने बताया कि बिरयानी मोहल्ले के लोगों ने उसे इजाजत दी है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि इस तरह हरे-भरे बागों की कटान जारी रही, तो आने वाले समय में रामपुर का हरियाली संतुलन और वायु गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। वहीं, प्रशासन और वन विभाग की ओर से अब तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के पर्यावरण हनन की पुनरावृत्ति न हो।