वृंदावन। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के गीता शोध संस्थान में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित श्रीकृष्ण राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर-2025 में देशभर से आए कलाकारों ने श्रीकृष्ण की 21 प्रमुख लीलाओं को कैनवास पर जीवंत किया। रंगों और तूलिकाओं के माध्यम से कलाकारों ने ब्रज की संस्कृति, जनजीवन और भक्ति भावना को साकार रूप दिया।
समापन समारोह में परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री सूरज पटेल ने कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि चयनित श्रेष्ठ कृतियों को मुख्यमंत्री कार्यालय और भारत सरकार के डाक विभाग कार्यालय में प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ग्लोबल चित्रांकन शिविर के आयोजन की घोषणा भी की।
इस अवसर पर डॉ. राजीव द्विवेदी (वृंदावन रिसर्च इंस्टीट्यूट), श्री दिनेश खन्ना (गीता शोध संस्थान), डॉ. उमेश चंद्र शर्मा (ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ), श्री चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार (कोऑर्डिनेटर) तथा दूरदर्शन के कार्यक्रम अधिकारी श्री सत्यव्रत सिंह उपस्थित रहे। शिविर की कोऑर्डिनेटर सुश्री मोहिनी कृष्ण दासी ने भी कलाकारों को पटुका पहनाकर सम्मानित किया।
भुज (गुजरात) की अवनी पीयूष सोनी ने कृष्ण के बांसुरी वादन की लीला, मथुरा की प्रीति चौहान और प्रो. पूनम रानी (अलीगढ़) ने राधा की प्रतीक्षा, कमलेश्वर रासबिहारी (मथुरा) ने रासलीला तथा कंचन प्रकाश (ग्रेटर नोएडा) ने वज्जिका शैली में राधा-कृष्ण प्रेम को चित्रित किया।
अन्य प्रतिभागियों में सुमन डोंगरे (उज्जैन), अलका मनीष पाठक (सीहोर), अलका झा (इंदौर), नेहा (लखनऊ), डॉ. मनोज (आगरा), रिमी पोद्दार (ग्रेटर नोएडा), विनोद कुमार सिंह (लखनऊ), डॉ. कुमुद वाला (कानपुर), पूजा म्हात्रे (मुंबई), रीना सिंह (दिल्ली), डॉ. प्रिंस राज (मेरठ) और चित्रलेखा (आगरा) शामिल रहीं।
दूरदर्शन ने इस तीन दिवसीय आयोजन पर विशेष डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की।