जागरण टुडे, सोरो/कासगंज।
तीर्थ नगरी सोरों के लहरा क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन बुधवार को धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक माहौल के बीच हुआ। अंतिम दिवस पर कथा वाचक निदान जी महाराज ने पहले कंस वध प्रसंग को प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने कृष्ण–सुदामा की अद्भुत मित्रता पर आधारित कथा का सचित्र और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित भक्तगण भक्ति रस में सराबोर हो गए। पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान सोरों नगर पालिका परिषद के चेयरमैन रामेश्वर महेरे कथा स्थल पर पहुंचे और व्यास पीठ का सम्मान करते हुए कथा वाचक निदान जी महाराज को पटका पहनाया। इस अवसर पर कथा वाचक निदान जी महाराज एवं आयोजक राजेंद्र शर्मा ने भी रामेश्वर महेरे को सम्मानस्वरूप पटका पहनाकर आभार व्यक्त किया।
कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। स्थानीय लोगों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी कथा श्रवण के लिए पहुंचे। इनमें कासगंज पुलिस अधीक्षक के रीडर चंद्रेश गौतम, एसआई अशोक तोमर, योगेंद्र यादव, ओमकांत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंतिम दिवस होने के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखा।
कथा के समापन पर भक्तों ने कहा कि निदान जी महाराज द्वारा प्रस्तुत दिव्य कथाओं और प्रसंगों ने जीवन में भक्ति, विनम्रता और मित्रता जैसे जीवन मूल्यों का महत्व पुनः याद दिलाया। वहीं आयोजक मंडल ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सोरों की पवित्र धरा पर हर वर्ष इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
संपूर्ण कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ और श्रद्धालु दिव्य कथा के पावन संदेश के साथ अपने घरों को लौटे।