यातायात व्यवस्था की बदहाली पर आखिरकार नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने शहर की चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नरहौली थाना परिसर में एसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक और थाना प्रभारी के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट कर दिया कि अब अतिक्रमण और अव्यवस्था किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के प्रमुख चौराहे जाम के स्थायी अड्डे बन चुके हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात सुधार सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इस बैठक में अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह और अधिशासी अभियंता अमरेंद्र गौतम भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद नगर आयुक्त ने पुलिस व निगम अधिकारियों के साथ नरहौली चौराहा और आसपास के इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य मार्गों के दोनों ओर फैले अतिक्रमण पर नाराजगी जताई और अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया जाए, न कि सिर्फ दिखावटी कार्रवाई की जाए। साथ ही नरहौली थाना के सामने बने डिवाइडर को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद करने के आदेश दिए, ताकि नेशनल हाईवे पर लगने वाले जाम से राहत मिल सके।
इसके बाद नगर आयुक्त ने मंडी चौराहा क्षेत्र और गोवर्धन चौराहा रोड का निरीक्षण किया। यहां भी सड़कों के किनारे अव्यवस्थित ढंग से लगे विज्ञापन यूनिपोल और बिजली के पोलों को यातायात में बड़ी बाधा बताते हुए उन्हें तत्काल अन्यत्र शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि सड़क पर अवरोध पैदा करने वाले पोल और बोर्ड शहर की सुंदरता और सुरक्षा दोनों के दुश्मन हैं।
नगर आयुक्त ने सड़क किनारे बने कच्चे मार्गों पर इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाने के भी निर्देश दिए, जिससे सड़कों की हालत सुधरे और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगे। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा और अतिक्रमण हटाने का अभियान नियमित और प्रभावी रूप से चलाया जाएगा।
विशेष रूप से नेशनल हाईवे स्थित नरहौली चौराहा को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश देते हुए नगर आयुक्त ने साफ कर दिया कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।