एडीएम फाइनेंस संतोष कुमार सिंह ने कम स्टांप शुल्क प्रकरण में सुनवाई करते हुए सहायक महानिरीक्षक निबंधन की कोर्ट से जारी हुए लाखों रुपये कम स्टांप शुल्क जुर्माने के दो आदेशों को निरस्त कर दिया। साथ ही भूमि क्रेता को जारी नोटिस वापस लेने का आदेश सुनाया।
एडीएम फाइनेंस ने अपने आदेश में लिखा है कि सहायक महानिरीक्षक निबंधन तेज सिंह यादव ने भेजी आख्या में बताया कि मो. इब्राहीम पुत्र इस्माइल निवासी शीशगढ़ ने सभ्यता पत्नी विपिन सिंह व विपिन सिंह पुत्र विलय सिंह निवासी ग्राम कमालपुर के पक्ष में 25 सितंबर को कृषि भूमि 0.653 हेक्टेयर का बैनामा किया था। 4154000 रुपये में खरीदी भूमि पर 198000 रुपये स्टाम्प शुल्क एवं 20000 रुपये का निबंधन शुल्क अदा किया।
एआईजी ने स्थलीय निरीक्षण में संपत्ति परती भूमि बताने, पश्चिम दिशा में स्कूल होने व वर्तमान में कोई कृषि कार्य नहीं होना बताया और भूमि आवासीय बतायी। 4700 रुपये प्रति वर्ग मीटर से आवासीय भूमि को 6530 वर्ग मीटर बताते हुए 30691000 रुपये मूल्यांकन बताया। इस पर नियम के अनुसार 1524550 रुपये का स्टाम्प शुल्क एवं 20 हजार रुपये का निबंधन शुल्क देय निकाला, बैनामे में 1326550 रुपये कम स्टाम्प शुल्क निकाला।
इस मामले में संपत्ति की तहसीलदार मीरगंज से जांच करायी। तहसीलदार मीरगंज ने आख्या में बताया कि मौके पर ढेचा की फसल खड़ी है। कोई निर्माण नहीं है। भूमि क्रेता के अधिवक्ता ने लिखित बहस में राजस्व अभिलेखाें में कृषि भूमि के रूप में दर्ज होना बताया। बहस के बाद सहायक महानिरीक्षक निबंधन से पुन: आख्या मंगाई।
अपनी आख्या भेज एआईजी स्टांप ने कहा कि पूर्व में भेजी आख्या में लिपिकीय त्रुटिवश 2176.66 वर्ग मीटर के स्थान पर 6530 वर्ग मीटर दर्ज हो गया था। 2176.66 वर्ग मीटर का मूल्यांकन 4700 रुपये प्रति वर्ग मीटर से 10230302 रुपये है, जिस पर 501550 रुपये का स्टाम्प शुल्क एवं 20 हजार रुपये का निबंधन शुल्क बना, अपने न्यायालय में वाद दर्ज कर आदेश पारित कर क्रेता पर 303500 रुपये कमी स्टाम्प व 50 हजार रुपये अर्थदंड आरोपित किया।
क्रेता आदेश के विरुद्ध उपायुक्त स्टाम्प की कोर्ट में अपील की थी। एडीएम फाइनेंस ने तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर कमी स्टाम्प का नोटिस वापस लेते हुए एआईजी स्टांप की कोर्ट से जारी आदेशों को निरस्त कर दिया।