थाना नवाबगंज क्षेत्र में दलित समाज से जुड़े एक युवक के साथ कथित रूप से मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौच, अमानवीय उत्पीड़न और बड़ी धनराशि हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित पप्पू दिवाकर पुत्र श्रीराम चरन, निवासी ग्राम गुरसौली थाना बहेड़ी, पिछले तीन महीनों से अपने परिचित चन्द्रसेन के घर ग्राम गेला टांडा, थाना नवाबगंज में रह रहा था। आरोप है कि करीब एक माह पूर्व चन्द्रसेन के पुत्र पप्पू व गोधन ने अपने 4–5 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर पप्पू दिवाकर के साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे अपमानित किया। पीड़ित का कहना है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए जबरन उसके सिर के बाल, भौंह और मूंछें उस्तरे से साफ कर दीं। इस पूरी घटना का वीडियो बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इस घटना से पीड़ित को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
इसके अतिरिक्त पप्पू दिवाकर ने आरोप लगाया कि चन्द्रसेन ने उससे ट्रैक्टर खरीदने के नाम पर ₹4.50 लाख रुपये ले लिए थे। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे के वह अपना घर बनायेगा तो आरोपी ने लौटाने से साफ इनकार कर दिया और धमकी भरे लहजे में बात की।
पीड़ित की तहरीर पर थाना नवाबगंज पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद दलित समाज में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि आज भी समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
सर्वजन आम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश भास्कर के अनुसार
दलित समाज के स्वाभिमान पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज बरेली (बहेड़ी) में पीड़ित दलित युवक पप्पू दिवाकर के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा को नज़दीक से समझा गया। यह घटना केवल एक व्यक्ति के साथ हुआ अन्याय नहीं है, बल्कि पूरे दलित समाज के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है, फिर भी दलित समाज के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। यह एक गंभीर प्रश्न है, जिसका जवाब प्रशासन को हर हाल में देना होगा।
इस मामले को लेकर प्रशासन से स्पष्ट और ठोस मांग की गई है कि इस जघन्य कृत्य में शामिल दोषियों पर SC/ST एक्ट सहित कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित पप्पू दिवाकर को तत्काल सुरक्षा और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
यदि पीड़ित को समय रहते न्याय नहीं मिला, तो यह संघर्ष केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से सदन तक गूंजेगा। सर्वजन आम पार्टी अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी है और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।