जागरण टुडे,कासगंज।
अमांपुर थाना क्षेत्र में एक अवैध क्लीनिक पर उपचार कराना छह माह की गर्भवती महिला के लिए जानलेवा साबित हो गया। बुखार के इलाज के नाम पर गलत ड्रिप चढ़ाने से महिला की हालत अचानक गंभीर हो गई। हालत बिगड़ने पर झोलाछाप महिला चिकित्सक ने मरीज को अलीगढ़ रेफर कर दिया, जहां करीब 12 दिन तक चले उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। मृतका के परिजनों ने अमांपुर थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोपी महिला चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फोटो कैष्शन पोस्टमार्टम गृह के बाहर खडे मृतका के परिजन।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमांपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अर्जुनपुर कदीम निवासी जितेंद्र कुमार की पत्नी भगवान श्री (उम्र लगभग 25 वर्ष) थी। वह छह माह की गर्भवती थीं। 19 जनवरी को भगवान श्री को तेज बुखार आने पर परिजन उन्हें अमांपुर कस्बे में संचालित डॉ. राजकुमारी के क्लीनिक पर ले गए। आरोप है कि बिना समुचित जांच के महिला चिकित्सक ने उन्हें ड्रिप चढ़ा दी। ड्रिप चढ़ते ही महिला की हालत बिगड़ने लगी और उनका शरीर काला व नीला पड़ने लगा।
स्थिति गंभीर होती देख महिला चिकित्सक ने जिम्मेदारी से बचते हुए मरीज को अलीगढ़ रेफर कर दिया। परिजन महिला को अलीगढ़ ले गए, जहां चिकित्सकों द्वारा लगातार उपचार किया गया, लेकिन 12 दिन बाद इलाज के दौरान भगवान श्री ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से परिवार में मातम छा गया।
मृतका के पति जितेंद्र कुमार ने अमांपुर थाना पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि डॉ. राजकुमारी के पास न तो कोई वैध चिकित्सकीय डिग्री है और न ही क्लीनिक का पंजीकरण। वह लंबे समय से अवैध रूप से क्लीनिक चला रही है और मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि गर्भवती महिला की मौत की सूचना मिली है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा। यदि जांच में क्लीनिक अवैध पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।