बिना डिग्रीधारी कर रहे जांच, मरीजों की सेहत से हो रहा खिलवाड़; स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
पटियाली, सिढपुरा, अमांपुरा, सोरों में एक भी नहीं, गंजडुंडवारा में दो, सहावर में एक लैब पंजीकृत
गुड्डू यादव, कासगंज।
जनपद कासगंज में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। जिले में जहां केवल 11 पैथोलॉजी लैब ही स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं, वहीं इसके उलट चार सौ से अधिक पैथोलॉजी लैब अवैध रूप से संचालित होने की बात सामने आ रही है। यह स्थिति न केवल नियम-कानूनों की खुली अनदेखी को दर्शाती है, बल्कि आम मरीजों की सेहत के साथ बड़े पैमाने पर हो रहे खिलवाड़ की ओर भी इशारा करती है।
जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न कस्बों और तहसीलों में पैथोलॉजी लैब का संचालन बेहद असंतुलित स्थिति में है। गंजडुंडवारा क्षेत्र में मात्र दो पैथोलॉजी लैब पंजीकृत बताई जा रही हैं, जबकि सहावर में केवल एक लैब का पंजीकरण है। जिला मुख्यालय कासगंज में नौ पैथोलॉजी लैब पंजीकृत हैं। इसके विपरीत पटियाली, सिढपुरा, सोरों और अमांपुर जैसे बड़े कस्बों में एक भी पैथोलॉजी लैब का आधिकारिक पंजीकरण नहीं है, जबकि इन क्षेत्रों में सैकड़ों लैब बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जिले में संचालित अधिकांश पैथोलॉजी लैब न तो निर्धारित मानकों पर खरी उतरती हैं और न ही इनके पास आवश्यक लाइसेंस अथवा तकनीकी संसाधन उपलब्ध हैं। कई स्थानों पर बिना किसी डिग्री या प्रशिक्षण प्राप्त युवक खून, पेशाब और अन्य महत्वपूर्ण पैथोलॉजिकल जांच कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में जांच रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे मरीजों का गलत इलाज होने का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गलत या अप्रमाणित जांच रिपोर्ट मरीज की जान तक जोखिम में डाल सकती है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावी और व्यापक कार्रवाई न होने से आमजन में नाराजगी देखी जा रही है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने विभागीय चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिले में संचालित सभी पैथोलॉजी लैब की गहन जांच कराई जाए और अवैध रूप से चल रही लैब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।
वर्जन
सीएम डा. राजीव अग्रवाल।
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी अवैध पैथोलॉजी लैब संचालित पाई जाती है, उसे सीज किया जाता है। नोडल अधिकारी की टीम को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं और अवैध लैब को सख्ती से बंद कराया जाएगा।