जनपद के मीरगंज विकास खंड क्षेत्र के गांव कपूरपुर में आयोजित ग्राम चौपाल प्रशासनिक सक्रियता का केंद्र बनी रही। मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
ग्राम चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यहां पेंशन, राशन कार्ड, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। सीडीओ ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंड विकास अधिकारी आनंद विजय यादव को एक सप्ताह में सभी लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कान्हा गौशाला का निरीक्षण, जलभराव रोकने के निर्देश
ग्राम चौपाल के बाद सीडीओ ने कपूरपुर स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 70 गौवंश पंजीकृत पाए गए और चारे-भूसे की व्यवस्था संतोषजनक मिली। हालांकि, रामगंगा नदी के निकट स्थित गौशाला में बरसात के दौरान जलभराव की आशंका पर उन्होंने गंभीरता दिखाई। खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया गया कि क्षेत्र पंचायत स्तर से मिट्टी पटान कर स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि गौवंश को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विकास खंड कार्यालय में रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली की समीक्षा
मुख्य विकास अधिकारी ने मीरगंज विकास खंड कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, विभिन्न पटलों के अभिलेखों और योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
कुछ अभिलेखों के रखरखाव में कमी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और एक सप्ताह में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही एनआरएलएम, मनरेगा और आईजीआरएस की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई अनिवार्य है। यदि शिकायतों का स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होता और वे जिला स्तर तक पहुंचती हैं, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सीडीओ के सख्त रुख और मौके पर दिए गए स्पष्ट निर्देशों से ग्रामीणों में भरोसा जगा है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। प्रशासन की सक्रियता से विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।