जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद के शिक्षा विभाग में उस समय खलबली मच गई जब बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी गंजडुंडवारा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिना सूचना गायब शिक्षक पर सख्त वार
खंड शिक्षा अधिकारी गंजडुंडवारा सुरेन्द्र कुमार की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि प्राथमिक विद्यालय अजीत नगर के शिक्षक विजय कुमार यादव लंबे समय से बिना पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे थे। उन पर एक युवती को अगवा कर मंदिर में विवाह करने जैसे गंभीर आरोप भी लगे, जिससे क्षेत्र में आक्रोश की स्थिति बनी रही। विभाग की छवि धूमिल करने और कर्तव्यहीनता के आरोप में उन्हें निलंबित कर प्राथमिक विद्यालय अहरौली से संबद्ध कर दिया गया है।
हाजिरी में हेरफेर, निर्माण कार्य की सूचना भी दबाई
वही कंपोजिट विद्यालय चिरौला के सहायक अध्यापक इमरान अख्तर निरीक्षण के दौरान फर्जीवाड़े में पकड़े गए। जांच में सामने आया कि उन्होंने विद्यालय पहुंचने से पहले ही उपस्थिति पंजिका में अग्रिम हस्ताक्षर कर दिए थे। इतना ही नहीं, विद्यालय परिसर में हो रहे नए भवन निर्माण की सूचना विभाग को न देने और प्रशासनिक लापरवाही बरतने का भी मामला सामने आया। उन्हें निलंबित कर प्राथमिक विद्यालय बिरसुआ से संबद्ध किया गया है।
प्रधानाध्यापिका भी नहीं बचीं
इसी विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रामा सिंह को भी अनुशासनहीनता और विद्यालय प्रबंधन में शिथिलता का दोषी पाया गया। निरीक्षण के दौरान अन्य स्टाफ की अनुपस्थिति और व्यवस्थागत लापरवाही पर उन्हें भी निलंबित कर कंपोजिट विद्यालय सेवर से संबद्ध किया गया है।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं” — बीएसए
बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने दो टूक कहा शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। जो भी शिक्षक नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर तीन शिक्षकों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।”
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से साफ है कि शिक्षा विभाग अब ढिलाई के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में और निरीक्षण होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लापरवाह शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।