बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में साढ़े चार साल पहले हुई थी वारदात
अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अशोक कुमार यादव ने मां के साथ जबरन दुराचार करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी बेटे को दोषी पाकर उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दुष्कर्मी पर 22 हजार रूपये अर्थ दंड डाला है। केस की सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता सुरेश साहू ने डटकर पैरवी की, जिससे दुष्कर्मी को जिससे सजा मिली।
एडीजीसी सुरेश साहू ने बताया कि भमोरा थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने अपनी मां के साथ जबरन दुराचार किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा फरार हो गया था। पीड़ित मां ने 12 अक्टूबर 2021 को अपने दो अन्य बेटों के साथ थाना भमोरा जाकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में कहा गया था कि 10 अक्टूबर 2021 की रात आरोपी ने मां से यह कहकर दरवाजा खुलवाया कि उसे भूख लगी है। दरवाजा खुलते ही आरोपी कमरे के अंदर घुस गया और एक हाथ से मां की गर्दन दबा ली और दूसरे हाथ से कपड़े उतारकर बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी बेटा जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गया।
12 अक्टूबर 2021 पीड़ित मां अपने दो अन्य बेटों की मदद से आरोपी को पकड़कर भमोरा थाने ले गई। जहां पीड़ित ने अपने आरोपी बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
एडीजीसी सुरेश साहू ने बताया कि पुलिस के डीएनए टेस्ट कराने पर घटना की पुष्टि हुई। केस की पैरवी के दौरान कोर्ट में आठ गवाह पेश किए गए। अदालत में पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अशोक कुमार यादव ने बलात्कारी बेटे को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।