महंत रामकिशोर जी के सानिध्य में भक्तिमय माहौल, दरबार में अर्जी के साथ तीन घंटे तक चला भजन-कीर्तन
सनातन आस्था और प्रेम का प्रतीक होली पर्व आने से पहले शनिवार को मीरगंज (बरेली) के श्री बालाजी महाराज दरबार में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। नथपुरा रोड स्थित दरबार परिसर में फूलों, गुलाल और अबीर की बौछार के बीच श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ होली का उत्सव मनाया। कार्यक्रम महंत रामकिशोर के सानिध्य में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने भाग लिया।
दरबार परिसर सुबह से ही भक्तिमय माहौल में रंग गया था। श्रद्धालु बाबा के जयकारों के साथ दरबार पहुंचे और होली के भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। जैसे ही फूलों और गुलाल की होली शुरू हुई, पूरा पंडाल रंगों और खुशियों से सराबोर हो गया। भक्त एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा करते हुए गुलाल लगाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहे थे। इस दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय और आनंदमय बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री बालाजी महाराज के दरबार से हुई, जहां दूर-दराज से आए भक्तों ने अपनी अर्जी लगाई। लगभग तीन घंटे तक चले इस दरबार में संगीत वादन के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। मशहूर भजन गायक दीपक सांवरिया ने अपने मधुर स्वरों में भगवान के भजन प्रस्तुत कर समा बांध दिया। उनके भजनों पर श्रद्धालु ताली बजाते हुए झूमते रहे और भगवान बालाजी का गुणगान करते नजर आए।
दरबार के पंडाल में इस दौरान कई मनमोहक दृश्य देखने को मिले। कहीं भक्त भजनों में लीन थे तो कहीं महिलाएं और बच्चे रंगों और फूलों की होली का आनंद ले रहे थे। पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ दिखाई दिया। आरती और भोग के बाद गुलाल, अबीर और फूलों की वर्षा के साथ होली का उत्सव और भी रंगीन हो गया। यह नजारा भक्तों के लिए एक यादगार पल बन गया।
महंत रामकिशोर जी ने इस अवसर पर दरबार के नित्य सेवाकार्य में लगे सेवादारों को सपत्नीक वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने सभी भक्तों को बाबा का आशीर्वाद देते हुए कहा कि होली का पर्व प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है। सभी लोगों को इस पर्व को शांति और भक्तिमय वातावरण में मनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से गुलाल और फूलों से होली खेलने तथा समाज में सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
महंत रामकिशोर जी ने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति में हर पर्व का विशेष महत्व होता है। ये पर्व हमें एकजुट रहने और एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान बनाए रखने की सीख देते हैं। इसलिए पर्व मनाते समय ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी की भावनाओं या आस्था को ठेस पहुंचे।
इस अवसर पर दरबार में मौजूद प्रमुख सेवादारों में बब्लू, योगेश कुमार गुप्ता, उमेश कुमार, बब्लू गंगवार, ओमकार गंगवार, दीपक, ओमप्रकाश गंगवार, पंडित राजकिशोर शर्मा, विनय कुमार शर्मा, सतीश कुमार, सोनू गुप्ता, विकास यादव, भजन लाल यादव, योगेश शर्मा, रिंकू, रूपराम, ओमकार, सुषमा देवी और मीना देवी सहित सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर भक्ति और उत्साह के साथ इस विशेष होली उत्सव को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक अर्जी लगाई गई और सभी भक्तों ने बाबा से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। फूलों और गुलाल की इस अनोखी होली ने न केवल भक्तों के मन को आनंद से भर दिया, बल्कि सनातन परंपरा और आस्था की झलक भी प्रस्तुत की।