जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। खाड़ी देशों में गहराते युद्ध संकट ने अब स्थानीय परिवारों की नींद उड़ा दी है। कस्बा गंजडुंडवारा के मोहल्ला लालकुआं निवासी कांच कारीगर मोहम्मद आरिफ इस समय बहरीन में फंसे हुए हैं। बिगड़ते हालातों के बीच आरिफ का परिवार दहशत में है और उनकी सुरक्षित वतन वापसी के लिए अल्लाह से दुआ कर रहा है।
दो साल से कांच फैक्ट्री में कर रहे हैं काम
मोहम्मद आरिफ पिछले दो वर्षों से बहरीन की एक निजी कांच फैक्ट्री में कार्यरत हैं। उनकी कमाई से ही गंजडुंडवारा में रह रहे परिवार का भरण-पोषण होता है। घर पर उनकी पत्नी इरफाना और दो मासूम बेटे—9 वर्षीय अंजला और 5 वर्षीय हिबजान—अपने पिता के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
हमले के बाद सुरक्षित स्थान पर किया शिफ्ट
पत्नी इरफाना के अनुसार, सोमवार देर शाम आरिफ से फोन पर बातचीत हुई थी। आरिफ ने बताया कि पहले वे एयरपोर्ट के पास रह रहे थे, लेकिन हालिया अमेरिकी हमलों के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर कंपनी ने उन्हें और अन्य कर्मचारियों को एयरपोर्ट से दूर एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। फिलहाल कंपनी द्वारा भोजन और आवास की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन बाहरी हालात अब भी चिंताजनक हैं।
हवाई सेवाएं बंद होने से बढ़ी मुश्किलें
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते हवाई सेवाएं प्रभावित हैं। फ्लाइट्स बंद होने से आरिफ चाहकर भी भारत नहीं लौट पा रहे हैं। इरफाना कहती हैं, “बच्चे बार-बार फोन पर अपने पापा से बात कर रहे हैं। हम बस यही चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने में मदद करे।” पूरा मोहल्ला और रिश्तेदार उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
दहशत में परिजन, दुआओं का दौर जारी
सोशल मीडिया और समाचारों में युद्ध की तस्वीरें देखकर बच्चे और परिजन सहमे हुए हैं। दोनों बेटे अपने पिता की तस्वीर थामे उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
युद्ध की आग भले हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन उसकी तपिश गंजडुंडवारा के इस छोटे से घर तक महसूस की जा रही है। अब पूरा परिवार और कस्बा एक ही दुआ कर रहा है—आरिफ सकुशल अपने वतन लौट आएं।