खुशियों के त्योहार के बीच दिखा एसपी का मानवीय चेहरा: उपनिरीक्षक गया प्रसाद संत के निधन पर पत्नी से गले मिलकर रो पड़ीं एसपी अंकिता शर्मा
कासगंज। खुशियों और आपसी समरसता के प्रतीक त्योहारों के बीच जनपद कासगंज के थाना पटियाली में तैनात उपनिरीक्षक (उ0नि0) स्वर्गीय गया प्रसाद संत के असामयिक निधन से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे के अधिकारी और कर्मचारी गहरे दुख में डूब गए तथा सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपनिरीक्षक गया प्रसाद संत अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, ईमानदारी और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। वे लंबे समय से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करते थे। उनके अचानक निधन से न केवल पुलिस विभाग बल्कि उनके परिजनों, मित्रों और क्षेत्र के लोगों में भी गहरा शोक व्याप्त है।
इस दुखद अवसर पर पुलिस अधीक्षक कासगंज अंकिता शर्मा भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। उन्होंने दिवंगत उपनिरीक्षक के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें कंधा देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय गया प्रसाद संत एक ईमानदार और समर्पित पुलिसकर्मी थे, जिनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखें भी नम नजर आईं। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। वातावरण बेहद भावुक हो गया था और हर कोई इस असमय हुए निधन से व्यथित दिखाई दे रहा था।
इस दौरान एक मार्मिक दृश्य भी सामने आया, जब पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने दिवंगत उपनिरीक्षक की पत्नी को गले लगाकर ढांढस बंधाया। पति को खोने के दुख में बिलख रही पत्नी को संभालते हुए एसपी भी भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर गया।
पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा है। विभाग की ओर से हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया गया।
स्वर्गीय गया प्रसाद संत के निधन से पुलिस विभाग ने एक कर्मठ और ईमानदार अधिकारी को खो दिया है। उनकी सेवाएं, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा याद की जाएंगी।