जनपद में लंबित और प्री-लिटीगेशन स्तर के मामलों के त्वरित एवं आपसी सहमति से समाधान के लिए 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत सुबह 10 बजे से जनपद न्यायालय परिसर बदायूं में आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक संगल की अध्यक्षता में किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कोमल श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवादों का सरल और शीघ्र निस्तारण कराना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है, जिससे आम नागरिकों को न्याय पाने में आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने बताया कि यदि किसी सिविल प्रकृति के लंबित मामले का निस्तारण लोक अदालत में आपसी समझौते से होता है तो उस पर जमा न्याय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है। साथ ही लोक अदालत द्वारा दिए गए निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद का अंतिम समाधान शीघ्र हो जाता है। लोक अदालत की प्रक्रिया सरल, सहज और पूरी तरह आपसी सहमति पर आधारित होती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल प्रकृति के वाद, आपराधिक शमनीय वाद, राजस्व वाद, धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम से जुड़े मामले, बैंक वसूली से संबंधित वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक विवाद, श्रम संबंधी वाद तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
इसके अलावा विद्युत, जल कर, दूरसंचार बिल से संबंधित विवाद, एनआई एक्ट के मामले तथा विधवा पेंशन योजना और विकलांग पेंशन योजना से जुड़े विवाद भी लोक अदालत के माध्यम से सुलझाए जा सकते हैं। ऐसे मामले जो अभी तक न्यायालय में दाखिल नहीं हुए हैं, उन्हें भी प्री-लिटीगेशन स्तर पर लोक अदालत में प्रस्तुत कर आपसी समझौते के आधार पर निपटाया जा सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनपद के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर अपने विवादों का आपसी सहमति से समाधान कर इस व्यवस्था का लाभ उठाएं।
Badaun News : 14 मार्च को बदायूं में राष्ट्रीय लोक अदालत
लेखक: Vikas Srivastav | Category: उत्तर प्रदेश | Published: March 10, 2026