जिलाधिकारी (बरेली)के निर्देशों के क्रम में जनपद रामपुर से निकलकर तहसील मीरगंज (बरेली) की सीमा में प्रवेश करने वाली नाहल नदी के जीर्णोद्धार को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में आज उप जिलाधिकारी मीरगंज आलोक कुमार ने ग्राम लभारी के समीप नदी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विकास विभाग, पंचायत राज विभाग, राजस्व विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
उप जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप नाहल नदी के पुनर्जीवन हेतु समग्र योजना तैयार की जाए, जिससे नदी का स्वरूप पुनः स्थापित हो सके और क्षेत्रीय जलस्तर में सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन भी मजबूत हो। उन्होंने यह भी कहा कि नदी के जीर्णोद्धार से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय किसानों को भी इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा।
निरीक्षण के दौरान संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इस बार नदी के कायाकल्प का कार्य पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
गौरतलब है कि विगत वर्ष भी उत्तर प्रदेश शासन की महत्वपूर्ण योजना के तहत नाहल नदी के जीर्णोद्धार की पहल की गई थी। उस समय जिलाधिकारी के निर्देश पर अप्रैल और मई माह में कार्य प्रारंभ हुआ था और कुछ स्थानों पर कार्य प्रगति पर भी दिखाई दिया था। हालांकि, वर्षा ऋतु के आगमन के कारण यह कार्य बाधित हो गया था और आगे की प्रक्रिया रुक गई थी।
अब एक बार फिर प्रशासन की सक्रियता से नाहल नदी के पुनर्जीवन की उम्मीदें जाग उठी हैं। यदि यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होता है तो क्षेत्र में जल संकट से राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। स्थानीय लोगों को भी इस पहल से बड़ी उम्मीदें हैं और वे प्रशासन के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं।