ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आवंटित रकम गांवों को चमकाने के बजाय फर्जीवाड़ा करके हड़पने की ज्यादा कोशिश की जा रही है। बरेली के मीरगंज तहसील की ग्राम पंचायत फिरोजपुर में तैनात सचिव अपनी सभी जिम्मेदारियां निजी सचिव के हवाले करके अपने घर मुरादाबाद चले गए और यहां उनका निजी कर्मचारी गांव के विकास के लिए आवंटित रकम फर्जीवाड़ा कर ठिकाने लगाता रहा। मामले की शिकायत डीएम और सीडीओ से होने पर जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया। मीरगंज बीडीओ ने विभागीय कार्रवाई करते हुए सचिव को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
फिरोजपुर ग्राम पंचायत की निर्माण कार्य समिति की अध्यक्ष रोशनी बी के मुताबिक गांव में ग्राम पंचायत सचिव के पद पर मुरादाबाद के रहने वाले सुदीश कुमार की तैनाती है। वह अधिकांश समय मुरादाबाद में रहते हैं। फिरोजपुर समेत करीब छह ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए उन्होंने नरेश कुमार सैनी नाम का प्राइवेट कर्मचारी रख रखा है, जो सचिव के सारे कामकाज देखता है। पंचायतों के डोंगल भी उसी के पास रहते हैं।
रोशनी बी का आरोप है कि निजी सचिव ने फर्जीवाड़ा करते हुए ऐसे कामों का भी भुगतान कर दिया, जो हुए ही नहीं। जिन लोगों के नाम भुगतान किया गया, उनका कुछ अतापता भी नहीं है। ऐसा करके उनसे सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। खुद के नाम पर भी उसने लाखों रुपये का भुगतान लिया है।
एक हैंडपंप तीन-तीन बार रिबोर दिखाकर किया गोलमाल
रोशनी बी ने डीएम और सीडीओ को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि निजी सचिव जन्म-मृत्यु आदि प्रमाण पत्र बनाने के एवज में भी अवैध वसूली करता है। इतना ही नहीं एक ही हैंडपंप तीन-तीन बार रिबोर दिखाकर ग्राम पंचायत के खाते से धनराशि निकाल ली। लाइट मरम्म्त के नाम पर भी फर्जीवाड़ा करके रकम हड़पी गई है।
न अभिलेख दिखाए न जांच में किया सहयोग
मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी कृषि राजेश कुमार से कराई गई। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि उन्होंने सचिव से ग्राम पंचायत से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कई बार कहा लेकिन वह लगातार आनाकानी करते रहे। उन्होंने जांच में किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया।
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