जागरण टुडे, कासगंज।
शहर के लवकुश नगर कॉलोनी थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। युवक ने घर के भीतर फांसी लगाकर जान दे दी, लेकिन परिजनों ने इसे सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक की पहचान विशाल पुत्र धर्मेंद्र के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे विशाल ने अपने घर के एक कमरे में चादर का फंदा बनाकर लेंटर में लगे लोहे के कुंडे से फांसी लगा ली। इसी दौरान विशाल की पत्नी झंकार चोपड़ा ने मृतक की मां मधु के मोबाइल पर वीडियो कॉल कर फांसी के दृश्य का स्क्रीनशॉट भेजा। यह दृश्य देखते ही मां मधु घबरा गईं और पास में मौजूद अरविंद शर्मा के साथ तुरंत घर की ओर दौड़ीं।
घर पहुंचने पर विशाल को फंदे से लटका देख मां की चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से विशाल को तुरंत फांसी के फंदे से उतारकर कासगंज के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल कासगंज रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद विशाल को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की मां मधु ने बताया कि उनका अपने पति धर्मेंद्र से करीब दस वर्ष पूर्व तलाक हो चुका है। विशाल बीते आठ वर्षों से दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी कर रहा था। जून 2025 में उसने झंकार चोपड़ा पुत्री दीपक चोपड़ा निवासी नवादा, दिल्ली (हाल निवासी नदरई गेट चौकी के पीछे, कासगंज) से प्रेम विवाह किया था। दो दिन पूर्व ही वह दिल्ली से कासगंज आया था।
मृतक की मां का आरोप है कि दिल्ली में विशाल के साथ कोई गंभीर घटना घटी थी, जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान था। उनका कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।