जागरण टुडे डेस्क। कभी देश की सबसे दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों में शुमार रहने वाली बीएसएनएल एक बार फिर टेलीकॉम इंडस्ट्री में तहलका मचाने की तैयारी में है। इस बार इसे साथ मिला है रतन टाटा का। भारत सरकार ने रतन टाटा की कंपनी टीसीएस के साथ 15000 करोड़ रुपये का करार किया है। इसके तहत 2024 के अंत तक टीसीएस देश भर में तेज 4जी इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने पर काम करेगी। साथ ही साल 2025 तक 4जी नेटवर्क को 5जी में अपग्रेट कर दिया जाएगा। टाटा समूह की इस कंपनी ने सरकार के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) के साथ मिलकर 4जी नेटवर्क का परीक्षण शुरू कर दिया है।
1000 गांवों तक पहुंचा तेज 4जी नेटवर्क
बीएसएनएल पूरे देश में 4जी और 5जी सेवाएं मुहैया करने के लिए नेटवर्क का जाल बिछा रहा है। कंपनी 1 लाख स्थनों पर 4जी सेवा उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में 4जी सेवा के लिए 9,000 से ज्यादा टावर पहले ही लगा दिए गए हैं। इन्हें बढ़ाकर एक लाख करने की योजना है। जल्द ही एक हजार गांवों में 4जी सेवा उपलब्ध करा दी जाएगी।
देश के चारों क्षेत्र में बनेगे चार डेटा सेंटर
टीसीएस देश के चारों कोनों में चार डेटा सेंटर बनाने जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त तक टीसीएस देश में 4जी नेटवर्क उपलब्ध करा देगी, जिसे अगले साल तक 5जी में अपग्रेट कर दिया जाएगा, इसके लिए अलग से कोई उपकरण नहीं लगाना होगा। महज सॉफ्टवेयर अपडेट करने से देश भर में 5जी सेवा शुरू हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर बीएसएनएल के सपोर्ट में उतरे लोग
जीओ, एयरटेल और वीआई ने अपने प्लान 25 प्रतिशत तक महंगे कर दिए है, इनकी तुलना में बीएसएनएल के प्लान काफी सस्ते हैं। ऐसे में एक बार फिर जनता का रुख बीएसएनएल की तरफ हो गया है। सोशल मीडिया पर लगातार बीएसएनएल के समर्थन में कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग निजी कंपनियों पर लूट मचाने का आरोप लगाते हुए लगातार भड़ास निकाल रहे हैं। रतन टाटा और लोगों का समर्थन मिलने से बीएसएनएल एक बार फिर जनता के दिलों में राज करने के लिए उठ खड़ा हुआ है।
निजी टेलिकॉम कंपनियों की उड़ी नींद
बीएसएनएल को रतन टाटा जैसे दिग्गज और भरोसेमंद उद्योगपति का साथ मिलने से देश की जनता में भी यह भरोसा कायम हुआ है कि जल्द ही बीएसएनएल मार्केट में जोरदार वापसी करेगा। रिचार्ज के दाम बढ़ाए जाने से बड़ी तादाद में लोग जियो, एयरटेल और वीआई के खिलाफ हैं। अब तक लाखों की संख्या में लोग इन कंपनियों को छोड़कर बीएसएनएल का दामन थाम चुके हैं।
जहां जाने की भी नहीं सोचतीं निजी कंपनियां वहां इंटरनेट सेवा पहुंचा रहा बीएसएनएल
घाटे के चलते देश के दुर्गम इलाकों में जहां आज तक निजी टेलिकॉम कंपनियों ने अपने टॉवर लगाने के बारे में सोचा तक नहीं है, ऐसे इलाकों में बीएसएनएल अपनी सेवाएं दे रहा है। इन इलाकों में आज भी बीएसएनएल लोगों के लिए संचार का एकमात्र माध्यम बना हुआ है। फिर चाहे वह बार्डर के इलाके हो या फिर ऊंची पहाड़ियों पर बसे गांव।