यूपी के गोंडा में चंडीगढ़ एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के मामले में ट्रेन के लोको पायलट का बयान सामने आया है। लोको पायलट का कहना है कि ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरने से पहले उसने धमाके की आवाज सुनी थी, इससे हादसे के पीछे किसी साजिश की आशंका के चलते रेलवे प्रशासन ने इस दिशा में भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रेलवे अफसरों के मुताबिक इस हादसे में अब तक दो यात्रियों की मौत हो चुकी है। छह यात्री गंभीर घायल हैं।
रेलवे ने मृतकों के परिजन को 10-10 लाख, गंभीर घायल यात्रियों को ढाई-ढाई लाख और मामूली रूप से घायल यात्रियों के लिए 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की है। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज सिंह के मुताबिक हादसे में दो यात्रियों के मरने की पुष्टि हुई है, जबकि 25 यात्री घायल हुए हैं। दो यात्रियों के पैर कट गए हैं। घायलों में ज्यादातर एसी कोच के यात्री हैं। हादसे में तीन एसी कोच समेत 15 बोगियां पटरी से उतरी थीं। इनमें तीन पलट गई थीं।
हादसे की सीआरएस जांच के आदेश
हादसा यूपी के गोंडा जिले में बृहस्पतिवार दोपकर करीब तीन बजे हुआ, जब ट्रेन गोंडा स्टेशन से चलकर गोरखपुर जा रही थी। गोंडा स्टेशन से निकलने के करीब दस मिनट बाद ही मोतीगंज थाना क्षेत्र के पिकौरा गांव के पास हादसे का शिकार हो गई। सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) जांच के आदेश दिए गए हैं।