हरियाणा में आज से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाने वाली हैं क्योंकि सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक हड़ताल पर चले गए हैं। चिकित्सक लंबे समय से हरियाणा सरकार से अपनी कुछ मांगें पूरी करने की मांग कर रहे थे। एक महीने पहले चिकित्सकों ने सरकार को मांगे पूरी करने के लिए एक महीने की मोहलत दी थी लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे समयसीमा बीतने के बाद हड़ताल पर चले गए। इसी के चलते बृहस्पतिवार से चिकित्सकों के संगठन ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखने का आह्वान किया है।
हरियाणा सिविल चिकित्सा सेवाएं (एचसीएमएस) संगठन ने चिकित्सकों की मांगें पूरी न होने के विरोध में बृहस्पतिवार को सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखने का आह्वान किया है। वहीं राज्य सरकार ने मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के मद्देनजर इसे टालने पर विचार करने का अनुरोध किया है। एचसीएमएस संगठन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया सहित चार चिकित्सक पंचकूला में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक के कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं।
चिकित्सकों की ये हैं मांगें
चिकित्सक विशेषज्ञ कैडर का गठन, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती नहीं करना, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए बांड राशि कम करने सहित अन्य मांगें कर रहे हैं। डॉ राजेश ख्यालिया ने कहा कि पिछले कई महीनों से हमें केवल आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन इन्हें पूरा नहीं किया गया। इसलिए हमने ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, पोस्टमार्टम सहित स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है।
मुख्य सचिव ने 24 जुलाई को अधिसूचना जारी करने का दिया था भरोसा
डॉ राजेश ख्यालिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अलावा मुख्य सचिव ने 18 जुलाई को उन्हें आश्वासन दिया था कि हमारी दो मांगों के संबंध में 24 जुलाई से पहले अधिसूचना जारी कर दी जाएगी लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। संगठन ने एक महीने पहले ही एलान कर दिया था कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गईं तो वे 25 जुलाई से हड़ताल पर चले जाएंगे।
सरकार ने बातचीत का दिया निमंत्रण
हरियाणा सरकार ने एचसीएमएस संगठन के पदाधिकारियों को बृहस्पतिवार को बातचीत के लिए बुलाया है ताकि इस मसले का कोई हल निकाला जा सके। डॉ राजेश ख्यालिया ने कहा कि वे बैठक में जाएंगे लेकिन अगर बैठक बेनतीजा रही तो उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री कमल गुप्ता ने हड़ताल खत्म करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। जल्द ही इस मामले का संतोषजनक हल निकाल लिया जाएगा।