उत्तर प्रदेश के बदायूं में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। तीन दिन से लापता 12 साल के लड़के का शव गांव के पास ही मंदिर के पास खेत में पड़ा मिला। उसका सिर गायब था, एक हाथ और पैर की अंगुलियां भी हत्यारे काट ले गए थे। पहचान मिटाने के लिए धड़ पर तेजाब डाला गया था। सिर और हाथ-पैर की अंगुलियां काटे जाने से तंत्र-मंत्र के चक्कर में हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजन भी किसी रंजिश से इन्कार कर रहे हैं। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने पुलिस की एसओजी समेत कई टीमों को खुलासे के लिए लगाया है। घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है।
घटना बदायूं के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव सिरसा दबरई की है। गांव के सोरन सिंह का 12 साल का बेटा नितेश 23 जुलाई की दोपहर करीब तीन बजे धान की रोपाई करने के लिए खेत पर जाने की बात कहकर निकला था, इसके बाद वह घर नहीं लौटा। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला। 25 जुलाई को परिजन ने सिविल लाइंस थाने में नितेश की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
खेत से तेज दुर्गंध आने पर शव पड़ा होने का चला पता
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे खेतों की तरफ जा रहे ग्रामीणों को मंदिर के पीछे खेत की तरफ से तेज दुर्गंध आई तो वे मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने सिर कटा शव पड़ा देखा। खबर मिलने पर सोरन सिंह भी परिजनों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव की पहचान नितेश के रूप में की। शव काफी सड़ चुका था। सिर, एक हाथ और एक पैर की अंगुलियां गायब थीं। पहचान छिपाने के लिए शव पर तेजाब डाला गया था। पेंट पैरों तक थी।
घटनास्थल से आधा किलोमीटर दूर मिली खोपड़ी
ग्रामीणों की सूचना पर सिविल लाइन थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव, सीओ सिटी आलोक मिश्रा भी घटनास्थल पर पहुंच गए। फारेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। छानबीन के दौरान घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर एक खोपड़ी पड़ी मिली। हालांकि परिजन ने खोपड़ी नितेश की होने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने खोपड़ी जांच के लिए भेजी है। एसएसपी ने हत्याकांड के खुलासे के लिए एसओजी समेत कई टीमों को लगाया है।