बरेली। दिल्ली के ओल्ड राजेंद्रनगर में कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से हुई आईएएस के तीन अभ्यर्थियों की मौत का मामला अभी शांत तक नहीं हुआ कि बरेली में कोचिंग के वैन चालक की लापरवाही से दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक छात्रा की आंख की रोशनी चली गई। छात्रा का भोजीपुरा स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
18 वर्षीय छात्रा प्रज्ञा सक्सेना बरेली के अग्रसेन नगर की रहने वाली है। छात्रा के पिता ऋषि कुमार बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक हैं। पिता ऋषि कुमार के मुताबिक प्रज्ञा जनकपुरी में रामजानकी मंदिर के पास स्थित एक कोचिंग सेंटर से जेईई मेन्स की तैयारी कर रही है। वह कोचिंग की वैन से ही आया जाता करती थी। 30 जुलाई को सुबह करीब पौने नौ बजे कोचिंग जाते वक्त कुतुबखाना पुल पर चालक ने लापरवाही से वैन चलाते हुए एक के बाद एक दो बाइकों में टक्कर मार दी। उस समय वैन में छह बच्चे सवार थे। हादसे में प्रज्ञा समेत तीन बच्चे घायल हो गए।
वैन का शीशा टूटकर घुसा आंख में
पिता ने बताया कि हादसे में वैन का शीशा टूटकर प्रज्ञा की आंख में घुस गया, जिससे उसकी बाईं आंख को काफी क्षति पहुंची है। बाईं आंख से उसे पूरी तरह दिखना बंद हो गया, जबकि दाईं आंख की स्थिति थोड़ी ठीक बताई जा रही है। प्रज्ञा की नाक की हड्डी भी टूट गई है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर प्रयास कर रहे हैं कि प्रज्ञा की आंख की रोशनी किसी तरह वापस आ जाए।
काफी तेज रफ्तार में वैन दौड़ाता था चालक
चालक वैन को काफी तेज रफ्तार में दौड़ाता था। बच्चों ने कई बार उसे टोका लेकिन वह नहीं माना। उन्होंने घरवालों को बताया तो अभिभावकों ने भी चालक को वैन धीरे चलाने के लिए कहा लेकिन उसकी लापरवाही जारी है। अभिभावकों को चालक के नाबालिग होने का भी शक है। उसकी उम्र मुश्किल से 18 साल के आसपास होगी। हादसे में घायल हुई एक अन्य छात्रा ने बताया कि पहले दूसरा ड्राइवर उन्हें लेने आता था। एक हफ्ते पहले यह ड्राइवर नया आया था। नया ड्राइवर तेज रफ्तार में अंधाधुंध वैन चलाता था।
हादसे के बाद सहमे बच्चे, लातें मारकर बमुश्किल खोला गेट
वैन सवार एक अन्य छात्रा ने बताया कि पुल पर बाइक को टक्कर मारने के बाद वैन दूसरी साइड रेलिंग से टकराकर रुक गई। उस वक्त प्रज्ञा पढ़ रही थी। रेलिंग से टकराने की वजह से वैन का शीशा टूटकर उनके ऊपर आकर गिरा। प्रज्ञा के आंख में शीशा लगने से खून बहने लगा। हादसे के बाद सभी बच्चे सहम गए और रोने लगे। उन्होंने वैन का गेट खोलने का प्रयास किया तो नहीं खुला। फिर उन्होंने लातें मारकर गेट खोला और बाहर निकले।
कोचिंग संचालकों ने नहीं ली बच्चों की सुध
हादसे की सूचना जब कोचिंग वालों को मिली तो एक शिक्षक घटनास्थल पर पहुंचे और घायल बच्चों को पास ही स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर चले गए। इसके बाद न तो कोई शिक्षक या कोचिंग संचालक बच्चों को हाल जानने पहुंचा। मामले में कोचिंग संचालकों का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क किया गया लेकिन हो नहीं सका।
कोतवाली पुलिस ने कब्जे में ली वैन
हादसे के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने वैन को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है। चालक को भी मौके से हिरासत में ले लिया है। वैन की टक्कर से घायल हुए एक बाइक सवार ने चालक के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर भी दी थी। इस पर कोतवाली पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शुरू से ही होनहार छात्रा रही है प्रज्ञा
प्रज्ञा शुरू से ही होनहार छात्रा रही है। 92 प्रतिशत से दसवीं पास करने के बाद 12वीं भी उसने 95 फीसदी अंकों के साथ पास की। वह पिछले साल जेईई मेन्स की परीक्षा में भी सफल रही थी मगर रैंक कम आने की वजह से अच्छा कॉलेज नहीं मिला तो एडमिशन नहीं लिया। इस साल अच्छी रैंक हासिल करने के लिए उसने मई में ही कोचिंग में एडमिशन लिया था।