मथुरा। गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में रासलीला सीखने और 'गोपीगीत' का मंचन करने वाले बालक-बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं ने भजन और पद गायन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। मुख्य अतिथि हनुमान प्रसाद पोद्दार सरस्वती बालिका विद्यालय वृंदावन की प्राचार्य डॉ अंजू सूद रहीं। अकादमी के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना ने संस्थान में चल रहे प्रशिक्षण और अन्य कार्यकलापों से अवगत कराया।
संस्थान के कोआर्डीनेटर चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि समर वेकेशन में एक माह की रासलीला प्रशिक्षण के लिए विशेष कार्यशाला लगाई गई। इसमें वृंदावन के कई स्कूलों के तीन दर्जन बच्चों ने प्रशिक्षण पाया। प्रशिक्षण के बाद स्वर्गीय छैल बिहारी उपाध्याय 'छैल' के लिखे पदों पर आधारित 'गोपीगीत' का मंचन 26 जून को ओपन एयर थिएटर में किया गया। लखनऊ की डॉ मीरा दीक्षित ने बच्चों को कत्थक सिखाया।
प्राचार्य डॉ. अंजू ने कहा कि ब्रज की रासलीला और अन्य विधाओं के संरक्षण का यह अभूतपूर्व कार्य शुरु हुआ है। बच्चों को यहां निशुल्क संगीत शिक्षा लेने आना चाहिए। ब्रज भाषा के कवि सत्य प्रकाश शर्मा सोटा ने रासलीला और गोपीगीत का महात्म समझाया। ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने आभार जताया। कार्यक्रम में संस्थान की प्रगति से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ देव प्रकाश शर्मा, पत्रकार विनोद चूरामणि, अशोक अज्ञ आदि ने विचार रखे।
मथुरा। गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में रासलीला सीखने और 'गोपीगीत' का मंचन करने वाले बालक-बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं ने भजन और पद गायन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। मुख्य अतिथि हनुमान प्रसाद पोद्दार सरस्वती बालिका विद्यालय वृंदावन की प्राचार्य डॉ अंजू सूद रहीं। अकादमी के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना ने संस्थान में चल रहे प्रशिक्षण और अन्य कार्यकलापों से अवगत कराया।
संस्थान के कोआर्डीनेटर चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि समर वेकेशन में एक माह की रासलीला प्रशिक्षण के लिए विशेष कार्यशाला लगाई गई। इसमें वृंदावन के कई स्कूलों के तीन दर्जन बच्चों ने प्रशिक्षण पाया। प्रशिक्षण के बाद स्वर्गीय छैल बिहारी उपाध्याय 'छैल' के लिखे पदों पर आधारित 'गोपीगीत' का मंचन 26 जून को ओपन एयर थिएटर में किया गया। लखनऊ की डॉ मीरा दीक्षित ने बच्चों को कत्थक सिखाया।
प्राचार्य डॉ. अंजू ने कहा कि ब्रज की रासलीला और अन्य विधाओं के संरक्षण का यह अभूतपूर्व कार्य शुरु हुआ है। बच्चों को यहां निशुल्क संगीत शिक्षा लेने आना चाहिए। ब्रज भाषा के कवि सत्य प्रकाश शर्मा सोटा ने रासलीला और गोपीगीत का महात्म समझाया। ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने आभार जताया। कार्यक्रम में संस्थान की प्रगति से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ देव प्रकाश शर्मा, पत्रकार विनोद चूरामणि, अशोक अज्ञ आदि ने विचार रखे।