मुरादाबाद के कुंदरकी इलाके में भाजपा समर्थक की मौत के बाद इमाम ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ाने से इन्कार कर दिया। जब दूसरे इमाम को बुलाया गया तो मोहल्ले वाले भी नमाज में शामिल होने नहीं पहुंचे। मामले में मृतक के बेटे दिलनावाज खान ने इमाम सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। डीएम ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है।
कुंदरकी के मोहल्ला कायस्थान में रहने वाले अलीदाद खान की 23 जुलाई को हार्टअटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने उन्हें सुपुर्दे खाक करने के लिए नमाज-ए-जनाजा पढ़ाने की तैयारी की। दिलनावाज खान का आरोप है कि वह मस्जिद के इमाम राशिद के पास गया तो उन्होंने कहा कि उसके पिता भारतीय जनता पार्टी को वोट देते थे। वह नमाज नहीं पढ़ाएंगे। इसके बाद दिलनवाज ने दूसरे इमाम से जनाजे की नमाज पढ़वाई और शव दफन कराया। इस दौरान मोहल्ले के लोग भी उनके घर नहीं आए। तीजे और 10वें की फातिहा में भी कोई शामिल नहीं हुआ। शुक्रवार को इमाम कई लोगों के साथ पुलिस चौकी पहुंचे। एसडीएम विनय कुमार के सामने भी उन्होंने अपना पक्ष रखा। अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इन्हें एक राजनीतिक स्टंट बताया। मामला डीएम तक पहुंचा तो उन्होंने एक कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
आरोप राजनीति से प्रेरित : इमाम
मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद राशिद ने कहा कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप गलत हैं और राजनीति से प्रेरित हैं। दिलनवाज के पिता धर्म के खिलाफ आनावश्यक टिप्पणियां करते थे। समझाने के बाद भी अपनी बातों पर अड़े रहते थे। इसलिए जनाजे की नमाज में शामिल नहीं हुए। यह आरोप निराधार हैं कि भाजपा को वोट देने के चलते ऐसा किया गया। यह सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है।