Saturday, January 31, 2026

वायनाड का वह स्कूल जो कभी बच्चों की हंसी से रहता था गुलजार अब बन चुका है खंडहर

लेखक: Jagran Today | Category: राष्ट्रीय | Published: August 3, 2024

वायनाड का वह स्कूल जो कभी बच्चों की हंसी से रहता था गुलजार अब बन चुका है खंडहर
केरल के वायनाड में मेप्पाडी के पास वेल्लारमाला में नदी के किनारे बने स्कूल में कभी मनमोह लेने वाला नजारा दिखाई देता था, आज वह खंडहर में तब्दील हो चुका है। दो मंजिला स्कूल के खेल मैदान में सन्नाटा पसरा है, जो कभी बच्चों की हंसी से खिलखिलाता रहता था। मुंडक्कई में 30 जुलाई को हुए भयावह भूस्खलन की चपेट में आने के कारण स्कूल मलबे में तब्दील हो गया। राज्य सरकार के मुताबिक इस क्षेत्र से 49 बच्चे लापता हैं। उनमें से कुछ वेल्लारमाला जीवीएचएसएस स्कूल में पढ़ते थे। 
स्कूल प्रशासन को अब तक लापता छात्रों की सही संख्या पता नहीं चल पाई है। स्कूल के प्रधानाध्यापक उन्नीकृष्णन इस विभीषिका के कारण बेहद दुखी है। वह पिछले 18 वर्षों से स्कूल में कार्यरत हैं। उन्नीकृष्णन ने कहा कि उनके सहकर्मी उन्हें स्कूल जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। यह एक आम स्कूल नहीं था। यहां हमारे लिए हर दिन एक उत्सव था। कुछ छात्र आपदा में मारे गए हैं।
स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल
भूस्खलन में स्कूल के नष्ट होने के बाद एक वीडियो गीत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे  उन्नी मैश ने लिखा है। उन्नी मैश ने कहा कि बच्चे परिवार की तरह थे। वह उनमें से ज्यादातर के घर गए। उनके घरों पर खाना खाया है। सभी एक परिवार की तरह रहते थे। स्कूल के अन्य शिक्षक जब इस भयावह आपदा के बारे में बताते हैं तो उनकी आंखे भर आती हैं और वह कुछ बोल नहीं पाते। जैसे ही वे इस बारे में बात करते हैं तो उन्हें वह पल याद आ जाता है जब अधिकारियों ने उनमें से कुछ को शवों की पहचान करने के लिए बुलाया था। एक अन्य शिक्षक ने कहा कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि उनका परिवार भी बिछड़ गया है। केरल के वायनाड जिले में हुए भूस्खलन में अब तक 210 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें 85 महिलाएं, 96 पुरुष और 29 बच्चे शामिल हैं। अब भी कई लोग लापता हैं। 

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