नई दिल्ली। सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है। जयशंकर ने कहा कि हसीना को भारत आए चौबीस घंटे भी नहीं हुए हैं और वह सदमे में हैं। सरकार उनको सदमे से उबरने के लिए समय दे रही है और इसके बाद वह उनकी भविष्य की योजनाओं सहित अन्य मुद्दों पर उनसे बात करेगी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार को पूर्ण सहयोग देने की बात कही। जयशंकर ने कहा कि भारत पड़ोसी देश में 10 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेशी सेना के संपर्क में है।
सरकार बांग्लादेश में हर घटनाक्रम पर रख रही नजर
सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूछा कि क्या बांग्लादेश में अराजकता को बढ़ावा देने में विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है। इस पर विदेश मंत्री ने जवाब दिया कि बांग्लादेश में फैली अराजकता के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता, लेकिन हालात बहुत संवेदनशील हैं। प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यकों के घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। सरकार वहां के हर घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है।
सत्ता में बैठे लोग तानाशाह बन जाते है तो जनता बर्दाश्त नहीं करती
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सर्वदलीय बैठक से पहले कहा कि भारत में सत्ता में बैठे लोगों को बांग्लादेश के घटनाक्रम से सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र पर खतरा मंडराता है और सत्ता में बैठे लोग लोकतंत्र का मुखौटा पहनकर तानाशाह बन जाते हैं तो देश की जनता कुछ समय तक ही उन्हें बर्दाश्त करती है और फिर अराजकता फैल जाती है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पी संतोष कुमार ने कहा कि हम बांग्लादेश के लोगों के साथ हैं, जमात-ए-इस्लामी, सेना या शेख हसीना के साथ नहीं। सभी निरंकुश शासकों का यही अंजाम होता है।
तानाशाही लाने की कोशिश पर होते हैं ऐसे हालात : सपा
सपा नेता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि बांग्लादेश की स्थिति उन सभी देशों के लिए एक संदेश है, जो लोगों की आवाज नहीं सुनते हैं। जिन देशों में लोकतंत्र को खत्म करने और तानाशाही लाने की कोशिशें होती हैं, वहां ऐसे ही हालात पनपते हैं। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, जनता दल (यूनाइटेड) नेता राजीव रंजन सिंह ‘लल्लन’, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, द्रमुक के टीआर बालू, सपा के रामगोपाल यादव, टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय और राकांपा की सुप्रिया सुले सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।