सुमित विजयवर्गीय, गंजडुण्डवारा। उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज में शनिवार रात गंजडुण्डवारा सीएचसी में स्टाफ की लापरवाही से हुई प्रसूता की मौत पर सीएचसी प्रभारी के निलंबन और तीन स्टाफ नर्स की सेवा समाप्ति की संस्तुति की गई है। सीएमओ ने इस मामले की गोपनीय रिपोर्ट तैयार की है, इसके बाद इन सभी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
शनिवार रात गांव गजौरा में रहने वाले मोहित की पत्नी ममता का गंजडुण्डवारा सीएचसी में प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद अधिक खून बहने से उनकी हालत बिगड़ गई। स्टाफ उसे जिला अस्पताल रेफर करने के बजाय तीन घंटे तक लापरवाही बरतता रहा। जब हालत हद से ज्यादा बिगड़ गई तब उसे जिला अस्पताल रेफर कया गया लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही ममता ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सीएचसी पहुंचे और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
कार्रवाई के आश्वासन पर पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया शव
हंगामे की सूचना पर पुलिस सीएचसी पहुंची। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की तो परिजनों ने शव नहीं उठने दिया। वे आरोपी स्टाफ पर कार्रवाई पर अड़े रहे। मामले की नजाकत को समझते डीएम मेधा रुपम ने कासगंज सीएमओ डॉ राजीव अग्रवाल, एसीएमओ डॉ मनोज शुक्ला, एसडीएम कुलदीप सिंह और नायब तहसीलदार मुकेश कुमार को मौके पर भेजा। सभी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया मगर वे तुरंत कार्रवाई पर अड़ गए। इसके बाद तत्काल रिपोर्ट तैयार की गई।
प्रारंभिक जांच में पाए गए दोषी
सीएमओ डॉ राजीव अग्रवाल ने प्रसूता की हालत गंभीर होने पर भी संज्ञान न लेने का दोषी पाते हुए सीएचसी अधीक्षक मुकेश यादव पर गोपनीय आख्या प्रविष्टि और स्टाफ नर्स अर्चना यादव, अलीशा खान और बेबी कुमारी को हालत गंभीर होने के बाद भी लापरवाही बरतते हुए समय से रेफर न करने का दोषी पाया। उनके तत्काल अन्यंत्र स्थानांनतरित कर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सेवा समाप्ति के अनुमोदन की संस्तुति की गई है। वहीं परिजनों ने आरोपी स्टाफ के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
स्वास्थ्य समिति की बैठक में होगा फैसला
सीएमओ डॉ राजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रसव के बाद लापरवाही के कारण प्रसूता की मृत्यु हुई है। मामले में लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ गोपनीय रिपोर्ट और अन्य तीन स्टाफ नर्स का स्थानांतरण के बाद स्वास्थ्य समिति मीटिंग में सेवा समाप्ति के अनुमोदन की कार्रवाई की जाएगी।