बरेली। काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी वर्ष पर मानव सेवा क्लब ने एक दीप शहीदों के नाम कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
डीडीपुरम स्थित शहीद स्मारक पर हुए कार्यक्रम में क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन इतना बड़ा हीं था कि उसके अभियुक्तों को फांसी दी जाती लेकिन अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और हमारे नेताओं की उदासीनता के कारण उन्हें यह दंश भोगना पड़ा।
साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह बहुत पराक्रमी और बहादुर थे। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। इनसे अंग्रेज बहुत डरे हुए थे और बहाने से इनके ऊपर संगीन धाराएं लगाकर फांसी दे दी गई। डॉ. सुरेश रस्तोगी ने कहा कि आज सौ साल होने के बाद भी हम काकोरी एक्शन को याद कर रहे हैं तो इसलिए कि हमारे बहादुर सिपाहियों को फांसी पर लटका दिया गया था।
इन लोगों ने जलाया एक दीप शहीदों के नाम
कार्यक्रम में कार्यवाहक महासचिव मुकेश कुमार सक्सेना, संयोजक मंजू लता सक्सेना, प्रकाश चंद्र सक्सेना, सुधा, कमल, किरन सक्सेना, नरेश मलिक, डॉ. विमल भारद्वाज, अरुणा सिन्हा, सुनील कुमार शर्मा, काजोल सक्सेना, बबिता रेकरिवाल, रजनीश सक्सेना, डॉ. एमएम अग्रवाल, निर्भय सक्सेना, सुधीर मोहन, मीरा मोहन, अविनाश सक्सेना, अभय भटनागर, राजेश सक्सेना, अनिल सक्सेना आदि ने एक दीप शहीदों के नाम प्रज्ज्वलित करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।