बिहार के जहानाबाद जिले में रविवार रात बड़ा हादसा हो गया। यहां के बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 16 से अधिक घायल हो गए। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरने वालों में ज्यादातर कांवड़िये बताए जा रहे हैं। यह संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
घटना रविवार रात 12 बजे के आसपास पास हुई। सावन के चौथे सोमवार पर जलाभिषेक करने के लिए रविवार रात से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा थी। इसी बीच पहाड़ी के ऊपर भगदड़ मच गई। लोग ऊपर से नीचे की तरफ भागने लगे और नीचे की ओर गिरने लगे। दम घुटने से उनकी मौत हो गई। जिला अधिकारी अलंकृता पांडेय ने मीडिया को बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कांवड़ियों में किसी चीज को लेकर विवाद हो गया था, इसके बाद उनके बीच कहासुनी और हाथापाई हुई, इससे मंदिर में भगदड़ मच गई। उन्होंने बताया कि यह घटना रविवार देर रात साढ़े 11 बजे के आसपास हुई है।
प्रत्यदर्शियों का आरोप लाठीचार्ज करने से मची भगदड़
प्रत्यदर्शियों ने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की जानकारी होने के बाद भी बिहार पुलिस का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति ड्यूटी पर नहीं थी। एनसीसी के कैडेट ही व्यवस्था संभाल रहे थे। पहाड़ के ऊपर सुरक्षा में लगे लोगों और श्रद्धालुओं के बीच किसी बात पर बहस होने पर लाठीचार्ज किया गया, जिससे भगदड़ मच गई। लोग पीछे की तरफ भागने लगे और नीचे गिरते गए। दम घुटने से लोगों की मौत हो गई।
प्रशासन का दावा सुरक्षा में नहीं थी कोई कमी
इस मामले में एसडीओ विकास कुमार का कहना है कि सुरक्षा में कोई कमी नहीं थी। रविवार रात को ज्यादा भीड़ होती है। चौथे सोमवार पर अधिक भीड़ उमड़ने के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट था इसलिए पुलिस प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई थी। उन्होंने घटना पर दुख जताया। कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। जिला प्रशासन घायलों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।