पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में दुष्कर्म के बाद महिला डॉक्टर की हत्या के मामले में हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों ने जांच पूरी करने के लिए पुलिस को बुधवार तक का समय दिया है। डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। मंगलवार सुबह भी सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन देखी गई। जूनियर डॉक्टर घटना की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा- 18 तक मामला नहीं सुलझा तो सीबीआई को सौंप देंगे
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद कोलकाता पुलिस को मामला सुलझाने के लिए 18 अगस्त तक का समय दिया। कहा कि इसके बाद जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी।
नौ अगस्त की सुबह अस्पताल के सेमिनार हॉल में एक महिला डॉक्टर का शव मिला था। इस मामले में शनिवार को एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया था। रविवार तक जूनियर डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी पर थे लेकिन सोमवार सुबह से उन्होंने पूरी तरह से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। राज्य सरकार ने ओपीडी समेत अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की छुट्टियां रद कर दी हैं।
दिल्ली और झारखंड के डॉक्टरों ने भी शुरू की हड़ताल
घटना के विरोध में दिल्ली और झारखंड के डॉक्टरों ने भी कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी है। दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है, इससे सरकारी अस्पतालों में गैर-जरूरी सेवाएं बंद हैं। वहीं रांची में आरआईएमएस के जूनियर डॉक्टरों ने भी मंगलवार को ओपीडी और गैरजरूरी सेवाओं का बहिष्कार कर पेन डाउन आंदोलन शुरू कर दिया। हालांकि प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं जारी रखीं।