बदायूं। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बदायूं क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों भाई-बहनों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर याद किया जाता है। यह भारत के इतिहास का एक दुर्भाग्यशाली दिन था। इस दौरान बदायूं क्लब में प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही परशुराम चौक तक मौन जुलूस निकाला गया।
भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना का जहर होगा खत्म
भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि एक तरफ 14 अगस्त 1947 को गुलामी से आजादी मिल रही थी तो दूसरी ओर धर्म के नाम पर भारत के दो टुकड़े हो रहे थे। इसका दर्द आज भी देश को झेलना पड़ रहा है। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी।
स्वतंत्रता के बाद भी दर्द दे रहा यह घाव
सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि विभाजन में न केवल भारतीय उपमहाद्वीप के दो टुकड़े किए गए बल्कि बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग कर पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया। 1971 के युद्ध के बाद बांग्लादेश बना। यह ऐसा घाव है जो स्वतंत्रता बाद भी दर्द दे रहा है। इसके अलावा मेघराज सपड़ा, वीरेंद्र धींगड़ा, पंजाबी सेवा समिति के अध्यक्ष अशोक नारंग, गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे अविनाशी लाल ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन जिला महामंत्री सुधीर श्रीवास्तव ने किया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में सीडीओ केशव कुमार, डीसीबी चेयरमैन जेके सक्सेना, पूर्व चेयरमैन दीपमाला गोयल, अशोक भारती, राणा प्रताप सिंह, मनोज कृष्ण गुप्ता, बदायूं क्लब के सचिव अक्षत अशेष, शिशुपाल शाक्य, नेकपाल कश्यप, सोवरन राजपूत, अनेकपाल पटेल, वीरेंद्र राजपूत, एमपी सिंह राजपूत, धीरज पटेल आदि मौजूद थे।