मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 13 अगस्त को एक ज्वेलरी शोरूम में हेलमेट पहनकर घुसे दो बदमाशों ने हथियारों के बल पर 50 लाख रुपये से ज्यादा की लूट की घटना काे अंजाम दिया था। पीड़ित व्यापारी मनौज चौहान ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक घटना की रात वह दुकान पर अकेला था। इसी दौरान दो लोग हेलमेट और मास्क लगाकर दुकान के अंदर दाखिल हुए। उनमें से एक ने पिस्टल उसके ऊपर तान दी। इसके बाद दोनों तिजोरी खोलकर सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेत 50 लाख का माल लूटकर फरार हो गए।
सीसीटीवी से हुई पहचान, सेना की मदद से आया पकड़ में
घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। खुलासे के लिए कई टीमें गठित की गईं। आरोपियों पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया। आरोपियों की पहचान के लिए करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके जरिये पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई। जब पुलिस को पता चला कि घटना का मास्टमाइंड रीवा निवासी मोहित सिंह बघेल है और वह सेना में अग्निवीर है और पंजाब के पठानकोट में राजपूत रेजीमेंट में तैनात है। इसके बाद पुलिस ने सेना से मदद मांगी। सेना से इनपुट मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
छुट्टी लेकर आया था बहन के घर और बन गया लुटेरा
अग्निवीर मोहित मूलरूप से रीवा का रहने वाला है। वह छुट्टी पर अपनी बहन के घर भोपाल आया हुआ था। उसने अपने जीजा का हाउसिंग लोन चुकाने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया, इसमें उसने अपने दोस्त अकाश राय की मदद ली। मामले में पुलिस ने आकाश राय के भाई विकास राय, जीजा अमित राय, मां गायत्री, बहन मोनिका और अभय मिश्रा को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटे गए जेवर और नकदी बरामद कर ली है। पुलिस के मुताबिक घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने कई दिन तक रेकी की थी।