इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर 14 से ज्यादा चोटों के निशान पाए गए हैं, जिसमें उसके सिर, चेहरे, गर्दन, हाथ और जननांग शामिल हैं। जो हमले की क्रूर प्रकृति की पुष्टि करते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत का कारण गला घोंटना था। पीड़िता के शरीर पर यौन उत्पीड़न के साफ निशान थे। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म किए जाने के सबूत मिले।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पीड़िता के शरीर पर दर्ज की गई चोटों में नाक, दाहिने जबड़े, बाएं हाथ और कंधे पर गंभीर चोटें शामिल हैं, जो पीड़िता को काबू में करने से पहले हिंसक संघर्ष का संकेत देती हैं। पोस्टमार्टम में फेफड़ों में खून बहने और खून के थक्कों की मौजूदगी भी पाई गई, जो शारीर पर बहुत ज्यादा चोट लगने का संकेत है।
गहरी नींद में होने का आरोपियों को मिला फायदा
बताया जाता है कि पीड़िता 36 घंटे से लगातार ड्यूटी कर रही थी। सो न पाने की वजह से घटना वाली रात वह गहरी नींद में भी। जब उस पर हमला किया गया उस समय वह सो रही थी। गहरी नींद में होने के बाद भी उसने दरिंदों से खूब संघर्ष किया। संघर्ष के दौरान पीड़िता ने आरोपी के हाथों पर गहरी चोट और खरोंचें मार दीं।
मेडिकल जांच में संजय रॉय के शरीर पर ये खरोंचें पीड़िता के नाखूनों से लिए गए चमड़ी और खून के नमूनों से मेल खाती पाई गईं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत का कारण गला घोंटा जाना था। रिपोर्ट में पीड़ित के चेहरे पर खरोंच और चोट के निशान पाए गए हैं, जो आंखों से लेकर गर्दन तक फैले हुए हैं। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि आरोपी को इस बात का कुछ फायदा मिला कि हमले के समय पीड़िता गहरी नींद में थी।