सुमित विजयवर्गीय, कासगंज। मामला कासगंज के गंजडुंडवारा कोतवाली की चौक सट्टी बाजार पुलिस चौकी का है। कस्बे के बीचोंबीच स्थित इस चौकी पर वर्ष 1969 तक पुलिस कर्मियों की तैनाती हुआ करती थी। बताते हैं साल 1969 में होली के दिन चौकी क्षेत्र के राजाराम चौराहे पर एक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था। कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समुदाय का एक युवक स्टेज पर चढ़ आया और कार्यक्रम का संचालन कर रहे शख्स से माइक छीन कर अभद्रता करने लगा। लोगों ने विरोध किया तो तीखी नोकझोंक होने लगी। मामले की सूचना किसी ने पुलिस को दी।
मामले की नजाकत को भांपते हुए पुलिस युवक को पकड़कर चौक सट्टी बाजार पुलिस चौकी ले गई। इस घटना की जानकारी होते ही मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ चौकी के बाहर जमा होने लगी। कुछ देर बाद सौकड़ों की भीड़ ने पुलिस चौकी पर धावा बोल दिया। हालांकि कुछ देर तक पुलिस भीड़ को काबू करने का प्रयास करती रही लेकिन सैकड़ों की भीड़ के आगे बेबस हो गई। भीड़ पुलिस चौकी के अंदर घुस गई और तोड़फोड़ करते हुए युवक को छुड़ा लिया, इसके बाद चौकी को आग के हवाले कर दिया।
कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम है यह चौकी
कस्बे के बीचोंबीच होने की वजह से यह पुलिस चौकी कानून व्यवस्था के लिहाज से भी अहम मानी जाती है। यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती होने से हर छोटी-बड़ी घटना की जानकारी पुलिस को मिल सकेगी, इसके साथ ही लोग भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे लेकिन अभी हर छोटी-बड़ी घटना के लिए फरियादियों को कोतवाली के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
2019 में हुई चौकी प्रभारी की तैनाती पर नहीं हो सका संचालन
वर्ष 2019 में कासगंज में तैनात रहे एसी सुशील घुले चंद्रभान अपराध नियंत्रण के मद्देनजर इस चौकी को महत्वपूर्ण मानते हुए चौकी प्रभारी की तैनाती की थी लेकिन फिर भी चौकी का संचालन नहीं हो सका। इसके बाद यहां तैनात रहे एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने भी चौकी शुरू कराने के प्रयास किए। उन्होंने पुलिस चौकी का जीर्णोद्धार कराकर उसका उद्घाटन किया। प्रभारी की तैनाती भी की गई लेकिन उनका यह प्रयास भी केवल चौकी प्रभारी की तैनाती तक ही सिमट गया।
क्या कहते हैं अफसर
कासगंज के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने बताया कि पुलिस चौकी के संचालन का मामला विचाराधीन है। विभाग की ओर से इसके संचालन के लिए पत्राचार किया जाएगा। विभाग प्रयासरत है कि जल्द आवश्यक औपराचकिताएं पूरी कर पुलिस चौकी को जल्द शुरू किया जाए।